नई दिल्ली, जून 6। भारत में शायद ही कोई घर हो जहां सोना न खरीदा जाता हो। यह कम या ज्यादा हो सकता है, लेकिन लगभग हर घर में ही जाता है। लेकिन लोग जब भी सोना खरीदते हैं, तो उसकी शुद्धता को लेकर संशकित रहते हैं। आमतौर पर सुनार जेवरा में काफी मिलावट कर देते हैं। लेकिन अब सरकार ने ऐसे नियम बना दिए हैं कि 16 जून 2021 के बाद से सुनार इस तरह का गड़बड़ घोटाला नहीं कर पाएंगे। इसलिए आपको यह जानना जरूरी है कि सोना खरीदते समय कैसे यह जानें कि खरीदा जा रहा है सोना शुद्ध है या नहीं। आइये जानते हैं कि यह कौन सा तरीका है।
16 जून से लागू हो जाएगी गोल्ड हॉलमार्किंग
सरकार ने कई बार डेट बढ़ाने के बाद 16 जून 2021 की तारीख तय कर दी है। इस तारीख से देश में गोल्ड हॉलमार्किंग लागू हो जाएगी। इसके बाद सुनार कैरेट के हिसाब से सोने के जेवर बेच पाएंगे। गोल्ड हॉलमार्किंग के बाद हर जेवर एक निशान लगाया जाएगा। यह आपको बताएगा कि यह जेवर कितने कैरेट गोल्ड से बना है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आप अपने जेवर को देश में कहीं भी बेचना चाहें तो कैरेट के हिसाब से पैसा ले सकेंगे। आपके सामने यह मजबूरी नहीं होगी कि आप अच्छे रेट के लिए उसी सुनार के पास जाकर अपने जेवर बेचें या बदलें।
जानिए क्या है गोल्ड हॉलमार्किंग
गोल्ड हॉलमार्क एक तरह से सरकारी गारंटी है। हॉलमार्क का निर्धारण भारत सरकार की एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) करती है। इस गोल्ड हॉलमार्किंग में किसी उत्पाद को तय मापदंडों के बाद प्रमाणित किया जाता है। सोने के सिक्के या गहने कोई भी सोने का आभूषण जो बीआईएस की तरफ से हॉलमार्क किया जाएगा, उस पर बीआईएस का लोगो लगाना अनिवार्य होगा।
ऐसे होगी गोल्ड हॉलमार्क जेवर की पहचान
-असली हॉलमार्क पर बीआईएस का तिकोना निशान रहेगा
-इस पर हॉलमार्किंग केन्द्र का लोगो भी होगा
-सोने की शुद्धता भी लिखी दिखेगी
-ज्वैलरी निर्माण का वर्ष दिया जाएगा
-इसके अलावा उत्पादक का लोगो भी होगा
ये हैं गोल्ड की शुद्धता के मानक
-24 कैरेट शुद्ध सोने पर 999 लिखा जाएगा
-22 कैरेट की ज्वेलरी पर 916 लिखा जाएगा
-21 कैरेट सोने की ज्वेलरी पर 875 लिखा जाएगा
-18 कैरेट की ज्वेलरी पर 750 लिखा जाएगा
-14 कैरट ज्वेलरी पर 585 लिखा जाएगा
जानिए सुनार कहां आपको ठगने की कोशिश करेंगे
अभी सुनार हॉलमार्क वाली ज्वैलरी को महंगा बताते हैं। यह ग्राहकों को समझाते हैं कि बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी आप सस्ते में ले लें, और जब चाहें उनसे बदल सकते हैं, या बेच सकते हैं। अगर अब भी आपका सुनार आपको ऐसे ऑफर दे तो सतर्क हो जाएं। देश में ऐसे जेवर बेचने पर 16 जून से रोक हो जाएगी। केवल हॉलमार्क वाली ज्वेलरी ही बिकेगी। जहां तक महंगा होने की बात है, तो जेवर को हॉलमार्क कराने का खर्च केवल 35 रुपये प्रति जेवर आता है। यह रकम ज्यादा नहीं है। ऐसे में आप अब हॉलमार्क ज्वेलरी ही खरीदें। इसके अलावा सोना खरीदते वक्त ऑथेंटिसिटी/प्योरिटी सर्टिफिकेट भी लें। सर्टिफिकेट में सोने की कैरेट गुणवत्ता भी जरूर चेक करें। इसके अलावा सोने की ज्वेलरी में लगे जेम स्टोन के लिए भी एक अलग सर्टिफिकेट लें।


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