For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

Gold ETF या Gold Mutual Fund, कहां होगा ज्यादा फायदा, चेक करें

|

Gold ETF or Gold Mutual Fund : सोना आम तौर पर मुद्रास्फीति यानी महंगाई जैसी अस्थिर आर्थिक स्थितियों से अप्रभावित रहता है। यानी महंगाई से इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सोने में निवेश जटिल हो गया है और अधिक निवेशकों ने गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड और म्यूचुअल फंड का विकल्प चुना है। यहां हम आपको इन दोनों विकल्पों के बारे में बताएंगे।

 
Gold ETF या Gold Mutual Fund में कहां करें निवेश

गोल्ड ईटीएफ
गोल्ड ईटीएफ एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड की एक फॉर्म है, जिसका उपयोग फिजिकल सोने की जगह किया जा सकता है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना लगभग एक म्यूचुअल फंड स्कीम की यूनिट खरीदने जैसा ही है। गोल्ड ईटीएफ की अंडरलाइंग एसेट फिजिकल सोना है, इसलिए सोने की कीमत में कोई भी परिवर्तन होता है तो ईटीएफ पर भी उसका 90% से अधिक सटीक असर पड़ता है। गोल्ड ईटीएफ को सामान्य शेयरों की तरह कभी भी खरीदा जा सकता है लेकिन सेकेंडरी मार्केट से गोल्ड ईटीएफ खरीदने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना चाहिए।

इक्विटी बाजारों में काफी अधिक अस्थिरता
जानकारों का कहना है कि इक्विटी बाजारों में अत्यधिक अस्थिरता के कारण निवेशकों को अपने निवेश पोर्टफोलियो के 15 फीसदी तक को सोने में आवंटन करना चाहिए। फिर चाहे आप पेपर गोल्ड यानी गोल्ड ईटीएफ या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) में निवेश करें। वित्तीय योजनाकार आमतौर पर सोने के लिए 5-10% राशि आवंटन का सुझाव देते हैं। एक निवेशक के रूप में, सोने में निवेश बढ़ाने का सही तरीका गोल्ड ईटीएफ या एसजीबी खरीदना है, जिसका एक्सपेंस रेशियो कम होता है।

 
Gold ETF या Gold Mutual Fund में कहां करें निवेश

फिजिकल गोल्ड में जोखिम
फिजिकल गोल्ड में निवेश असुविधाजनक और जोखिम भरा है। दूसरी ओर, ईटीएफ पूरी तरह से पारदर्शी होता है। गोल्ड ईटीएफ 99.5 फीसदी शुद्धता वाले गोल्ड बुलियन में निवेश करते हैं, जो सोने को रखने जैसा ही है। गोल्ड ईटीएफ उन लोगों के लिए आदर्श है जो व्यक्तिगत उपयोग के बजाय निवेश विकल्प के रूप में सोने का उपयोग करना चाहते हैं।

गोल्ड म्यूचुअल फंड
गोल्ड फंड एक प्रकार के म्यूचुअल फंड हैं जो डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से गोल्ड रिजर्व में निवेश करते हैं। निवेश आमतौर पर सोने के प्रॉड्यूसिंग और डिस्ट्रिब्यूटिंग सिंडीकेट, फिजिकल सोने और माइनिंग कंपनियों के शेयरों में किया जाता है। गोल्ड म्यूचुअल फंड ओपन-एंडेड निवेश हैं, जो गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड द्वारा प्रदान की गई यूनिट्स पर आधारित होते हैं।

क्या होते हैं अंतर
न्यूनतम राशि : गोल्ड म्यूचुअल फंड में न्यूनतम 1,000 रुपये (मासिक एसआईपी के रूप में) के निवेश की आवश्यकता होती है, जबकि गोल्ड ईटीएफ में आमतौर पर 1 ग्राम सोने के न्यूनतम निवेश की आवश्यकता होती है, जो वर्तमान दरों पर 4,500 रुपये के करीब है।
निवेश मोड : एसआईपी आधारित गोल्ड फंड उपलब्ध हैं, गोल्ड ईटीएफ में एसआईपी नहीं होती है। डीमैट खाते के बिना, म्यूचुअल फंड से गोल्ड म्यूचुअल फंड खरीदा जा सकता है। हालांकि, गोल्ड ईटीएफ का एक्सचेंजों पर ट्रेड होता है और इसके लिए डीमैट खाते की आवश्यकता होती है।
लेन-देन कॉस्ट : गोल्ड ईटीएफ की मैनेजमेंट कॉस्ट गोल्ड म्यूचुअल फंड की तुलना में कम है। इसके अलावा गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने वाले गोल्ड एमएफ की गोल्ड ईटीएफ लागत भी होती है।

Cheap Recharge Plan : 48 रु में 28 नहीं 30 दिन एक्टिव रहेगा मोबाइल, बेहद सस्ती होगी कॉलCheap Recharge Plan : 48 रु में 28 नहीं 30 दिन एक्टिव रहेगा मोबाइल, बेहद सस्ती होगी कॉल

English summary

Gold ETF or Gold Mutual Fund where will be the more profit check

Investing in gold has become complicated over the years and more investors have opted for gold exchange traded funds and mutual funds. Here we will tell you about both these options.
Story first published: Saturday, October 29, 2022, 17:42 [IST]
Company Search
Thousands of Goodreturn readers receive our evening newsletter.
Have you subscribed?
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X