E-PAN: पैनकार्ड को आयकर विभाग जारी करता है। पैन एक अल्फान्यूमैरिक नंबर होता है ये हर एक पैन यूजर को अलग पहचान देता है। फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन में इसका उपयोग किया जाता है।
फिजिकल पैन कार्ड में पोस्टेज, प्रिंटिंग और मैनुअल हैंडलिंग के वजह से कुछ वक्त लग सकता है। इसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अब ई-पैन इलेक्ट्रॉनिक रूप से तैयार किया जाता है। इसको जारी करने में काफी कम वक्त लगता है।

ई-पैन
जिन आवेदकों के पास पहले से वैलिड आधार नंबर हैं। उन लोगों के लिए ये ई-पैन सर्विस है ई-पैन पीडीएफ के फॉर्मेंट में मिलता है। ई-पैन एक डिजिटली साइन पैन कार्ड है जो आधार के ई-केवाईसी डेटा के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में जारी किया जाता है।
फायदे
अगर हम ई-पैन के फायदे की बात करें तो फिर ई-पैन बेहद आसान और पेपर फ्री प्रोसेस है। इसके लिए आपको बस आधार से लिंक किया हुआ मोबाइल नंबर की जरूरत होती है।
ई-पैन कानूनी रूप से वैध होता है और ई-पैन को सभी कार्य के लिए स्वीकार किया जाता है। इसमें आयकर फाइल करना भी शामिल है। ई-पैन सभी वित्तीय लेनदेन के काम आ सकता है।
ये है ई-पैन लेने का तरीका
इसके लिए आपको सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर जाएं। यह होम पेज पर आपको दिखाई दे रहे इंस्टेंट ई-पैन के ऑप्शन पर क्लिक करना है।
यह ई-पैन पेज पर आपको नया ई- पैन प्राप्त करें के ऑप्शन पर क्लिक करना है। यह पर आपको नया ई पैन के लिए अपना आधार नंबर डालना है। इसके बाद आपको चेक बॉक्स पर क्लिक करना है और इसके बाद आपको कंटिन्यू पर क्लिक करना है।
नोट : अगर आपका आधार पहले से ही वैलिड पैन से जुड़ा हुआ है, तो यह मैसेज आएगा। पहले से ही आधार नंबर पैन से जुड़ा हुआ है। अगर आधार नंबर किसी भी मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है, तो ये मैसेज आएगा कि दर्ज किया गया आधार नंबर किसी भी मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है।
आपको ओटीपी वैरिफिकेशन के बाद आगे कंटिन्यू पर क्लिक करना है। इसके बाद आप चेकबॉक्स पर क्लिक करें और सबमिट कर दें। इसके बाद आपके मोबाइल पर मैसेज आएगा इसके बाद एक लिंक आएगा। आप जहां से ई-पैन डाउनलोड कर सकते हैं।


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