नई दिल्ली, दिसंबर 28। इस समय इक्विटी बाजार में काफी उतार-चढ़ाव चढ़ा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2022 शेयर बाजार के लिए एक ठहराव वाला साल हो सकता है। इस बीच ताजा गिरावट से शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक उच्च स्तर से लगभग 10 फीसदी नीचे गिर गए हैं। निफ्टी 50 कुछ समय पहले 18,600 गया था, मगर अब 17,200 अंक के आस पास कारोबार कर रहा है। ऐसे में, अपने पैसों का एक हिस्सा फिक्स्ड इनकम फंड या डेट म्यूचुअल फंड में लगाना बढ़िया कदम हो सकता है। यदि आप ऐसे किसी फंड मे पैसा लगाना चाहते हैं तो हम आपको इसका सही तरीका बताएंगे।
डेब्ट म्यूचु्ल फंड
पहले जान लीजिए कि डेब्ट म्यूचुअल फंड क्या होते हैं। इन्हें फिक्स्ड-इनकम फंड के नाम से भी जाना जाता है। ये फंड आम तौर पर फिक्स्ड-इनकम सिक्योरिटीज (सरकारी सिक्योरिटीज, ट्रेजरी बिल, कमर्शियल पेपर, डिबेंचर, हाई रेटेड कॉरपोरेट बॉन्ड) और मनी-मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। इन फंड्स की एक तय मैच्योरिटी अवधि और तय ब्याज दर होती है। आपको ब्याज दर के हिसाब से पैसा मैच्योरिटी पर मिल सकात है। इसीलिए इन फंड्स को फिक्स्ड इनकम फंड्स कहा जाता है।
जोखिम होता है कम
जैसा कि हमने बताया कि डेब्ट फंड्स में निवेशकों द्वारा लगाया जाने वाला पैसा फिक्स्ड-इनकम सिक्योरिटीज और मनी-मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता है, इससे जोखिम कम रहता है। ये बाजार में उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होते। इसलिए भी डेब्ट म्यूचुअल फंड में कम जोखिम रहता है। आगे जानिए कि कैसे आप सही डेब्ट फंड चुन सकते हैं।
पहले अपनी जरूरत पहचानें
डेट फंड में निवेश करने से पहले आपको अपने निवेश का उद्देश्य पता होना चाहिए। जैसे कि हो सकता है कि कोई व्यक्ति अपना पैसा डेब्ट फंड में तब तक लगाना चाहे जब इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव जारी हो या अपना एक इमरजेंसी फंड तैयार करना उसका मकसद हो। इसलिए जब आप अपने निवेश का उद्देश्य तय कर लें तो ही सही फंड चुन सकते हैं। इससे आपको मदद मिलेगी।
निवेश की अवधि
एक अन्य फैक्टर जो डेब्ट फंड में निवेश के लिए होना चाहिए वो है अवधि। जैसा कि हमने बताया कि डेब्ट फंड में एक मैच्योरिटी होती तो आप उसी हिसाब से फंड चुनें। यदि आप लगभग तीन महीने से एक वर्ष तक की छोटी अवधि में निवेश करना चाहते हैं तो यह फंड बढ़िया रहेंगे और आप मैच्योरिटी अवधि और अपने टार्गेट को ध्यान में रख कर फंड सिलेक्ट कर सकते हैं।
एक जोखिम होता है
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डेब्ट फंड में कम जोखिम होता है, मगर ये जोखिम फ्री नहीं होते हैं। डेब्ट म्यूचुअल फंड जोखिम से मुक्त नहीं हैं ऐसा इसलिए क्योंकि इनकी ब्याज दर जोखिम वाली रहती है। दरअसल जिस स्कीम में आप निवेश कर रहे है उसने जिन सिक्योरिटीज में पैसा लगा रखा है उनकी ब्याज दर में बदलाव से आपकी योजना की ब्याज दर बदल सकती है। हालांकि, डेब्ट म्यूचुअल फंड आम तौर पर अनुमानित रिटर्न, हाई लिक्विडिटी प्रोवाइड करते हैं और इस तरह इन्हें कम जोखिम वाले निवेशकों के लिए पसंदीदा निवेश ऑप्शनों में से एक माना जाता है।
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