नई दिल्ली, 20 अक्टूबर। फेस्टिव सीजन पूरे जोरों पर है। खरीदारी जम कर की जा रही है। ऑफर्स की भरमार है। आप भी खरीदारी कर रहे होंगे, या करने की प्लानिंग कर रहे होंगे। भारत में दिावली के आस पास खरीदारी का ट्रेंड काफी पुराना है। मगर अब इसका तरीका बदल गया है। अब लोग ज्यादातर चीजें घर बैठे ऑनलाइन खरीदते हैं और ऑफर्स और सेल का फायदा उठाते हैं। जब हर तरफ खरीदारी का माहौल हो और आप भी शॉपिंग की सोच रहे हों तो प्लानिंग जरूरी है। हम कुछ टिप्स लेकर आए हैं, जो फेस्टिव सीजन में खरीदारी के लिए आपके काफी काम आएंगे।
इनकम के मुताबिक खर्च करें
सुनिश्चित करें कि आपकी शॉपिंग आपकी इनकम के मुताबिक हो। इनकम का एक तय प्रतिशत खरीदारी के लिए रखना एक अच्छा आइडिया है, ताकि आप जान सकें कि आप कितना खर्च कर सकते हैं। यदि आपकी सालाना इनकम का 10 फीसदी वर्ष के अंतिम तीन महीनों में खर्च करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि इससे आपके लंबी अवधि के टार्गेट्स को नुकसान नहीं होगा।
जरूरत पहले शौक बाद में
शौक बड़ी चीज है। मगर जरूरत उससे पहले आती है। वो चीजें खरीदने से परहेज करें, जो आपके काम की नहीं हैं। जहां तक संभव हो सके उन चीजों पर फोकस करें, जो लंबे समय तक आपको फायदा पहुंचाएंगी। इससे होगा ये कि आपको अगले साल नयी चीजें खरीदने का मौका मिलेगा। प्लानिंग ये कम्पोनेंट बहुत अहम है।
प्राइस टेस्टिंग जरूर करें
प्राइस टेस्टिंग उन चीजों में से एक है जो आपके पैसे बचा सकती है। एक ही प्रोडक्ट की कई जगह चेक करें। हो सकता है कि दूसरे ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल पर सेल में ज्यादा डिस्काउंट दिया जा रहा हो या वहां ऑफर ज्यादा बेहतर हो। कई ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल त्योहारी सीजन के दौरान सेल पेश करते हैं। इसलिए प्रोडक्ट्स पर मिल रहे डिस्काउंट्स को चेक करें और साथ ही साथ प्रोडक्ट की असली कीमत भी देखें।
क्रेडिट कार्ड
विभिन्न क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता बैंक और कंपनियां रिटेल विक्रेताओं, ब्रांड्स और सर्विस प्रोवाइडर के साथ पार्टनरशिप करती हैं। तो ऐसे में कई क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने से आपको अधिकतम छूट प्राप्त करने में मदद मिलेगी। बस प्राथमिकता इसी बात पर रहे कि आप क्या खरीदना चाहते हैं और चेक करें कि कौन से कार्ड जारीकर्ता ने आपकी जरूरत के सामान बेचने वाले रिटेल विक्रेताओं से हाथ मिलाया है। यदि आप नियमित लेनदेन कर रहे हैं तो क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर आपको समय-समय पर कूपन भी मिलते हैं। इससे खरीदारी के दौरान कीमत कम करने में भी मदद मिलेगी।
जीरो कॉस्ट ईएमआई
फेस्टिव सीजन में डीलर आमतौर पर कैश डिस्काउंट देते हैं। लेकिन, जब लोग जीरो कॉस्ट ईएमआई का ऑप्शन चुनते हैं तो उन्हें जीरो कॉस्ट ईएमआई जैसी छूट देनी पड़ती है। इसका मतलब है कि 50,000 रुपये की एक वस्तु के लिए एक बार में भुगतान करने पर 3,000 रुपये की नकद छूट उपलब्ध हो सकती है। लेकिन, अगर कोई व्यक्ति जीरो-कॉस्ट ईएमआई का विकल्प चुन रहा है, तो वह उस 3,000 रुपये की नकद छूट का लाभ नहीं उठा पाएगा। इसके बजाय, वह पांच महीने में 50,000 रुपये का भुगतान करना चुन सकता है। आप भी इसका फायदा उठा सकते हैं।
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