नई दिल्ली। तमिलनाडु में बीते 3 महीने से भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई की फर्जी शाखा खुली हुई थी। जैसे ही यह मामला सामने आया सनसनी फैल गई और सभी को तुरंत गिराफ्तार किया गया। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के माता-पिता रिटायर बैंक कर्मचारी हैं। वहीं गिरफ्तार दो आरोपियों में से एक प्रिंटिंग प्रेस चलाता था, जहां से सभी रसीदें, चालान और बाकी दस्तावेज प्रिंट किए गए थे। जबकि दूसरा प्रिंटिंग रबर स्टाम्प के कारोबार में था। ऐसे में अगर आपके आसपस अचानक किसी भी बैंक की शाखा खुल जाए तो जल्द भरोसा न करें। आमतौर बैंक जब अपनी शाखाएं खोलते हैं, तो आसपास के लोगों के पास जाकर उसके बारे में बताते हैं। इसके अलावा अगर आपको अगर कहीं भी ऐसा संदिग्ध प्रतीत हो तो सबसे पहले वहां पर अपना गलत अकाउंट नंबर बता कर खाते का बैलेंस जानने की कोशिश करें। अगर वह आपके बताए गलत खाता नंबर को आपके नाम का बता कर जानकारी दे, तो समझ जाएं कि यहां कुछ गड़बड़ है। इसके बाद आप पुलिस को जरूर इसकी जानकारी दे दें, जिससे आमलोग लुटने से बच सकें। इसके अलावा बैंक की बेवसाइट पर भी चेक सकते हैं कि यह ब्रांच सही है या नहीं।
अभी तक नहीं खुले थे नए खाते
इन आरोपियों ने 3 महीने पहले ही एसबीआई की फर्जी शाखा खोली थी। हालंकि अभी तक इसमें नए खाते नहीं खुल पाए थे। वहीं किसी ने भी पैसा भी जमा नहीं किया था। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह नकली एसबीआई शाखा तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले के पन्रुति में खोली गई थी।
पूर्व बैंक कर्मचारी का बेटा था मुख्य साजिशकर्ता
एक समाचार पत्र के अनुसार एसबीआई के एक पूर्व कमर्चारी के बेटे कमल बाबू (19) ने फर्जी बैंक में कंप्यूटर, लॉकर, फर्जी कागज और अन्य चीजें रखकर इसे एकदम एसबीआई की ब्रांच जैसा बना दिया था। पुलिस ने कमल के साथ-साथ ए कुमार (42) और एम मणिकम (52) को भी गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने लॉकडाउन के बीच अप्रैल में ही ब्रांच खोली थी। कमल बाबू एसबीआई बैंक के एक पूर्व कर्मचारी का बेटा है, और उसकी मां 2 साल पहले ही एक बैंक से रिटायर हुई हैं।
बेरोजगारी के चलते उठाया कदम
कमल के पिता बैंक में थे, जिस कारण उसे बैंक के कामकाज के बारे में काफी हद तक जानकारी हो गई थी। जानकारी के अनुसार पिता की मौत के बाद कमल ने नौकरी के लिए कई जगह आवेदन किया, मगर नौकरी नहीं मिली। नौकरी मिलने में देरी हुई तो उसने फर्जी एसबीआई की ब्रांच खोल ली। पुलिस ने बताया कि फिलहाल किसी ग्राहक ने नुकसान की सूचना नहीं दी है।
असली ब्रांच मैनेजर ने खोली नकली ब्रांच की पोल
एक ग्राहक की सूचना पर जब वास्तविक बैंक शाखा के प्रबंधक ने फर्जी बैंक शाखा का दौरा किया तो वह पूरी तरह से हैरान रह गए। आरोपियों ने फर्जी बैंक ब्रांच को बिल्कुल एसबीआई बैंक शाखा का रूप दे रखा था। यहां तक कि वहां काम आने वाले ई-चालान, रसीदें और रंग-रोगन भी बिल्कुल असली शाखा जैसा ही था। शाखा का पूरा सिस्टम असली बैंक शाखा जैसा ही था।


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