नई दिल्ली, जुलाई 30। कई निवेशक भारतीय इक्विटी बाजारों की लंबी अवधि की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन उनका मानना है कि अगले छह महीने थोड़े मुश्किल भरे हो सकते हैं। ऐसे में फाइनेंशिय़ल प्लानर्स का मानना है कि निवेशकों को सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) का इस्तेमाल करके अपने निवेश को बढ़ाना चाहिए। एसआईपी (सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान) के बारे में तो सब जानते हैं, पर आज हम आपको सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान या एसटीपी के बारे में बताएंगे।
क्या है सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी)
एक समय अवधि में एसटीपी आम तौर पर लिक्विड फंड से इक्विटी फंड में पैसा लगाने का एक तरीका है। एक निवेशक जिसके पास कैश है वह एकमुश्त निवेश करना चाहता है, लेकिन निकट अवधि में गिरावट को लेकर चिंतित है, इस सिस्टम का उपयोग करता है। दोहरा फायदा यह है कि आप लिक्विड फंड से रिटर्न कमाते हैं और साथ ही साथ अपने इक्विटी फंड में पैसा लगाते हैं।
एसटीपी कैसे काम करता है
एसटीपी शुरू करने के लिए, आप एक डेट स्कीम (आमतौर पर एक लिक्विड या अल्ट्रा शॉर्ट-टर्म फंड) में एकमुश्त यानी एक बार में बड़ी राशि डालते हैं और एक पहले से तय राशि को किसी अन्य स्कीम, आमतौर पर एक इक्विटी फंड में ट्रांसफर करते हैं। जिस स्कीम में एकमुश्त निवेश किया जाता है उसे 'सोर्स स्कीम' या 'ट्रांसफर स्कीम' कहा जाता है और जिस स्कीम में रकम ट्रांसफर की जाती है उसे 'डेस्टिनेशन स्कीम' या 'टारगेट स्कीम' या 'ट्रांसफर स्कीम' कहा जाता है। आम तौर पर निवेशक छह से बारह महीने की अवधि के लिए यह प्रेक्टिस करते हैं। उनमें से कई इस रणनीति का उपयोग करके हर हफ्ते कुछ पैसे ट्रांसफर करते हैं।
एसटीपी कैसे करें शुरू
पहला कदम यह है कि आप किस लिक्विड/अल्ट्रा शॉर्ट-टर्म में पैसा लगाएंगे और इक्विटी फंड, जिसे आप अंततः निवेश करना चाहते हैं। इन दोनों फंडों को एक ही फंड हाउस से होना चाहिए। ज्यादातर फंड हाउस के पास पैसा ट्रांसफर करने का दैनिक, साप्ताहिक या मासिक विकल्प होता है। उदाहरण के लिए, एक निवेशक हर हफ्ते 2,500 रुपये इक्विटी फंड या यहां तक कि 10,000 रुपये हर महीने ट्रांसफर करने का फैसला कर सकता है।
एसटीपी का लाभ क्या है
एसटीपी का उपयोग करने का बड़ा लाभ यह है कि जब तक पैसा लिक्विड/अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म फंड में निवेशित रहता है, तब तक यह एक अतिरिक्त रिटर्न अर्जित करता है, जो आम तौर पर बचत बैंक खाते से अधिक होता है। फिलहाल निवेशक लिक्विड फंड में 4.5-5 फीसदी कमा सकते हैं। इसके अलावा, एसटीपी शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण लागत को औसत करने में मदद करता है।
और भी हैं फायदे
कुछ निवेशक पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने के लिए इस सिस्टम का उपयोग करते हैं। अगर डेट में आपका निवेश बढ़ता है, तो सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान के जरिए इक्विटी फंड्स में पैसा फिर से लगाया जा सकता है और अगर इक्विटी में निवेश बढ़ता है तो एसटीपी का इस्तेमाल करते हुए इक्विटी से डेट फंड में पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है। पैसा ऑटोमैटिकली चुने फंडों के बीच एडजस्ट किया जाता है, निवेशक उपलब्ध रिसॉर्सेज के सीमलेस और कुशल आवंटन से लाभ उठा सकते हैं।
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