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EPFO : अस्पताल में हुए एडमिट तो फौरन मिलेंगे 1 लाख रु, जानिए कैसे

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नई दिल्ली, जून 10। कोरोना महामारी के बीच लोगों को कुछ राहत देने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने सदस्यों को उनके निवेश पर मेडिकल एडवांस के रूप में 1 लाख रुपये तक निकालने की अनुमति दे रहा है। ये पैसा मेडिकल इमरजेंसी और अस्पताल में भर्ती होने पर मिल सकता है। यदि आप एक ईपीएफ ग्राहक हैं, तो आप कोविड-19 सहित किसी भी जानलेवा बीमारी के इलाज के लिए 1 लाख रुपये तक का मेडिकल एडवांस ले सकते हैं। आपको एडवांस निकालने के लिए ईपीएफ ऑफिस में अस्पताल में भर्ती होने की लागत का अनुमान जमा करने की भी आवश्यकता नहीं होगी।

 

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कैसे करें अप्लाई

कैसे करें अप्लाई

आधिकारिक ईपीएफओ पोर्टल (https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/) पर जाएं। अपना यूएएन, पासवर्ड और कैप्चा डिटेल दर्ज करके अपने खाते में लॉग इन करें। फिर 'ऑनलाइन सर्विसेज' टैब पर जाएं और 'क्लेम (फॉर्म-31, 19, 10सी और 10डी)' ऑप्शन पर क्लिक करें। नये पेज पर यूएएन से जुड़े अपने बैंक खाते की डिटेल को सत्यापित करें। आगे जानिए बाकी प्रोसेस।

ये है आगे की प्रोसेस

ये है आगे की प्रोसेस

बैंक डिटेल्स वेरीफाई करने के बाद ईपीएफओ के नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़कर स्वीकार करें। 'प्रोसीड फॉर ऑनलाइन क्लेम' (ऑनलाइन दावे के लिए आगे बढ़ें) पर टैप करें और पैसा निकालने के लिए अप्लाई करने वाले ऑप्शनों में से 'मेडिकल इमरजेसी' चुनें। ध्यान रहे कि केवल पात्र सदस्य ही ये ऑप्शन देख पाएंगे। मेडिकल एडवांस राशि या तो कर्मचारी के सैलेरी अकाउंट में जमा की जा सकती है या परिवार के किसी सदस्य के अनुरोध पर संबंधित अस्पताल को भुगतान की जा सकती है।

ये हैं जरूरी बातें
 

ये हैं जरूरी बातें

मरीज को उपचार के लिए सरकारी/प्राइवेट सेक्टर यूनिट (पीएसयू)/सीजीएचएस पैनलाइज्ड अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। यदि किसी आपात स्थिति के कारण उसे किसी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तो कॉम्पिटेंट अथॉरिटी मामले की जांच करेगा और उसके बाद ही मेडिकल एडवांस दिया जाएगा। कर्मचारी या परिवार के किसी सदस्य को अस्पताल और रोगी की डिटेल का उल्लेख करते हुए एक रिक्वेस्ट लेटर जमा करना होगा। पत्र में उल्लेख होना चाहिए कि अनुमान खर्च पता नहीं है, इस प्रकार, मेडिकल एडवांस दिया जाना चाहिए।

हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद

हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद

एक कर्मचारी को डिस्चार्ज होने की तारीख से 45 दिनों के भीतर मेडिकल बिल जमा करना होगा। मेडिकल इमरजेंसी की राशि ईपीएफ विदड्रॉल नियमों के अनुसार अस्पताल के अंतिम बिल से एडजस्ट किया जाएगा। ईपीएफओ निकासी नियमों की अनुमति होने पर अतिरिक्त एडवांस भी दिया जा सकता है। हालांकि ऐसा एडवांस लेने के लिए ट्रीटमेंट का बताना होगा और भी अस्पताल से रोगी के डिस्चार्ज होने से पहले।

हाल ही में हुआ बड़ा ऐलान

हाल ही में हुआ बड़ा ऐलान

श्रम मंत्रालय की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान अपने ग्राहकों को सपोर्ट करने के लिए ईपीएफओ ने अब अपने सदस्यों को दूसरी नॉन-रिफंडेबल कोविड-19 एडवांस राशि निकालने की अनुमति दी है। महामारी के दौरान सदस्यों की वित्तीय जरूरत को पूरा करने के लिए स्पेशल विदड्रॉल का प्रावधान मार्च 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत पेश किया गया था।

English summary

EPFO If you get admitted in the hospital you will get Rs 1 lakh immediately know how

EPFO is allowing its members to withdraw up to Rs 1 lakh as medical advance on their investment.
Story first published: Thursday, June 10, 2021, 17:15 [IST]
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