नई दिल्ली, मार्च 18। रिटायरमेंट के बाद फाइनेंशियल और सामाजिक सुरक्षा हर कर्मचारी चाहता है। देश की सरकार का यह कर्तव्य है कि वह नागरिक को सुरक्षा और स्वतंत्रता का आश्वासन दे, जो उसे देश की सेवा करने पर रिटायरमेंट के बाद मिले। फिर चाहे वो सेवा उसने सार्वजनिक या निजी नौकरी में किसी में भी दी हो। सभी सरकारें नागरिकों को प्रोविडेंट फंड या पीएफ के रूप में लाभ प्रदान करती है। पीएफ एक अनिवार्य फंड होता है जिसे किसी देश की सरकार द्वारा लोगों को उनके रिटायरममेंट के लिए तैयार करने के लिए मैनेज किया जाता है। इस योजना का उपयोग भारत, सिंगापुर और अन्य विकासशील देशों सहित कई देशों में किया जाता है। भारत में प्रोविडेंट फंड 4 तरह का होता है। इनमें कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (वीपीएफ), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) और जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) शामिल हैं। हम आपको यहां इन चारों के बारे में बताएंगे।
ईपीएफ
20 से अधिक वेतनभोगी सदस्यों वाले किसी भी संगठन को कर्मचारी भविष्य निधि का भुगतान अनिवार्य रूप से करना आवश्यक होता है। कर्मचारियों या श्रमिकों के वेतन का 12 फीसदी ईपीएफओ द्वारा प्रबंधित खाते में भेजा जाता है। कर्मचारियों को इस राशि पर ब्याज भी मिलता है। कोई भी व्यक्ति इस खाते में से राशि निकाल भी सकता है। कर्मचारी के रिटायरमेंट पर खाता मैच्योर होता है। यह राशि मैच्योरिटी के बाद भी टैक्स फ्री होती है।
वीपीएफ
ईपीएफ वीपीएफ का ही हिस्सा है। यदि कोई कर्मचारी अपने वेतन में से जरूरी 12 फीसदी से अधिक योगदान ईपीएफ में करना चाहता है तो उसे वीपीएफ का सहारा लेना होगा। इस पर ब्याज दर ईपीएफ वाली ही होती है। हाल ही में ईपीएफओ ने ईपीएफ पर ब्याज दर 8.5 फीसदी से घटा कर 8.1 फीसदी कर दी है। लिहाजा वीपीएफ पर भी इतनी ही ब्याज दर होगी।
जीपीएफ
जीपीएफ केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए है। सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी का एक तय हिस्सा योगदान के रूप में इसमें जमा करता है। इस फंड में जमा पैसा भी रिटायरमेंट के समय मिलता है। जमा पैसे पर ब्याज भी मिलेगा। जीपीएफ पर सरकार की तरफ से ब्याज दर 7.1 फीसदी ऑफर की जा रही है। ध्यान रहे कि प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी जीपीएफ के पात्र नहीं होते।
पीपीएफ
पब्लिक प्रोविडेंट फंड को भारत में 1968 में निवेश के रूप में छोटी बचत को जुटाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। ये पोस्ट ऑफिस की एक छोटी बचत योजना है। इस पर सालाना 1.5 लाख रु तक टैक्स बेनेफिट मिलता है। इसमें कोई भी खाता खोल सकता है। इस पर इस समय 7.1 फीसदी ब्याज दर ऑफर की जा रही है।
आपके लिए क्या है बेस्ट
पीएफ में जरूर निवेश करें। यदि आप प्राइवेट कर्मचारी हैं तो ईपीएफ और उसके साथ साथ वीपीएफ का फायदा ले सकते हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए जीपीएफ ठीक तो है, मगर इस पर ईपीएफ और वीपीएफ के मुकाबले कम ब्याज दर है। वहीं यदि आप सेल्फ एंप्लोयड हैं और निवेश करना चाहते हैं तो आपके पास केवल पीपीएफ का ऑप्शन ही है। मगर वो भी बढ़िया ऑप्शन है।
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