नई दिल्ली, मार्च 18। ज्यादा पैसा कमाने का मकसद निवेशकों को स्टॉक मार्केट तक ले जाता है। ऐसे कई लोग होते भी हैं जो शेयर मार्केट से बड़ा पैसा कमा लेते हैं। मगर कुछ लोग नुकसान भी कर बैठते हैं। अकसर निवेशक शेयरों में निवेश के बजाय स्टॉक ट्रेडिंग से नुकसान उठाते हैं। लेकिन इक्विटी में ट्रेडिंग करना आसान नहीं है। बल्कि निवेश करना जरूरी है। ट्रेडिंग 1-2 दिन में खरीदने-बेचने को कहते हैं, जबकि निवेश में महीनों-सालों धैर्य रखने की जरूरत होती है। इससे होता यह है कि आप पूरे मार्केट साइकिल से गुजरते हैं और आपको निवेश पर लाभ होने की संभावना बहुत अधिक रहती है। ऐसे ही और भी टिप्स हैं, जो आपको शेयर से पैसा बनाने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही अन्य टिप्स के बारे में।
कैसे शेयर खरीदें-बेचें
कई लोगों के लिए कोई खास शेयर खरीदने या बेचने का फैसला ज्यादातर उनके परिचितों से प्रभावित होता है। इसलिए यदि उनके आस-पास के सभी लोग किसी विशेष स्टॉक में निवेश कर रहे हैं, तो वे भी उसी स्टॉक में निवेश करते हैं। मगर इससे बचें। जरूरी यह है कि खुद रिसर्च करें और बढ़िया शेयर चुनें। खरीदने और बेचने के लिए किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट की मदद या सलाह लें।
टॉप और बॉटम के चक्कर में न पड़ें
बाजार को टाइम करने की कोशिश करके, व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई को कुछ ही समय में खो सकता है। कई विशेषज्ञ निवेशकों को शेयर बाजार को टाइम न करने की सलाह देते हैं। टाइम करने का मतलब है मार्केट के उच्चतम (टॉप) और निम्नतम (बॉटम) स्तर का अनुमान लगाना। यदि आप डिलीवरी (शेयर खरीद कर लंबे समय के लिए रखना) में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो ऐसी रणनीति का पालन न करें।
सेक्टर देख कर शेयर चुनें
शेयर बाजार के इतिहास का अध्ययन करने पर पता चलता है कि सबसे अधिक तेज माहौल में भी निवेशकों को घबराहट हुई और उन्हें नुकसान हुआ। इसका मतलब है कि शेयर बाजार में कई निवेशकों ने तब भी पैसा गंवाया जब बाजारों में तेजी का रुख था। ऐसा क्यों हुआ? सही सेक्टर के शेयर को न चुनना। हड़बड़ी में किसी भी सेक्टर के शेयर खरीद लेना। ऐसा न करें। बल्कि ध्यान से सेक्टर देख कर शेयर चुनें।
भावनाओं से होगा नुकसान
कई निवेशक शेयर बाजारों में अपना पैसा इसलिए गंवा देते हैं क्योंकि वे अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाते। बुल मार्केट में ट्रेडिंग करते समय, आपको अधिक कमाने का लालच होता है और इस तरह आप गलत फैसला कर सकते हैं। भय और लालच दो फैक्टर हैं, जिन पर नियंत्रण जरूरी है। बेहतर यह है कि जिस शेयर के लिए जितना टार्गेट है, उसे अचीव होते ही बेच कर निकल जाएं। या स्टॉप लॉस तक शेयर गिर जाए तो थोड़ा नुकसान उठा कर निकल जाएं।
लक्ष्य के साथ करें निवेश
अगर आपको पास वित्तीय लक्ष्य हैं, तो आपके लिए निवेश में आसानी रहेगी। बिना टार्गेट निवेश को अधिकतर जानकार सही नहीं मानते। कोई लक्ष्य बनाएं और उसी को अचीव करने के लिए निवेश करते रहें। एक और बात कि एक ही साथ बड़ा फायदा कमाने के बजाय थोड़ा थोड़ा मुनाफा निकालते रहें।


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