नई दिल्ली, जुलाई 09। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने जब से राज्य में गोधन न्याय योजना की शुरुआत की हैं, तब से गोबर की मांग भारतीय बाजार में बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए इस योजना की शुरुआत की थी। गोबर को हमेशा ही बेकार समझा जाता रहा है। जब से अनेकों प्रकार के खाद बाजार में आए हैं और ईंधन के लिए एलपीजी का उपयोग होने लगा है। गोबर को कचरा समझा जाने लगा है। तकनीकी के विकास के साथ गोबर से भी व्यापार खोज लिया गया है। आज हम आपको गोबर से व्यापार कैसे किया जा सकता है उसके बारे में बताएंगे।
गोबर के गमले की बढ़ी मांग
गमलों में पौधे लगाकर घर सजाना सभी को पसंद है। जिस प्रकार हम सिमेंट या प्लास्टिक के गमलों में मिट्टी और खाद डाल के पौधे उगाते हैं। वैसे ही हम गाय के गोबर से बने गमलों में पौधे उगा सकते है। गाय के गोबर के गमलों में पौधे उगाना पौधों के विकास के लिए सही होता हैं। बाजार में गोबर के गमलों की मांग बढ़ी है। अगर आप के पास मवेशी हैं तो आप गमलों का व्यापार शुरू कर सकते हैं। आप गोबर खरीद कर भी यह व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
गोबर के गमले की बढ़ी मांग
गमलों में पौधे लगाकर घर सजाना सभी को पसंद है। जिस प्रकार हम सिमेंट या प्लास्टिक के गमलों में मिट्टी और खाद डाल के पौधे उगाते हैं। वैसे ही हम गाय के गोबर से बने गमलों में पौधे उगा सकते है। गाय के गोबर के गमलों में पौधे उगाना पौधों के विकास के लिए सही होता हैं। बाजार में गोबर के गमलों की मांग बढ़ी है। अगर आप के पास मवेशी हैं तो आप गमलों का व्यापार शुरू कर सकते हैं। आप गोबर खरीद कर भी यह व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
गोबर के कंडे का व्यवसाय
गोबर के कंडे वैसे तो लम्बे समय से गांव के लोगों का मुख्य ईंधन रहा है। अभी भी गावों में इसका प्रयोग होता है। लेकिन अब इसका प्रयोग व्यापार के लिए भी किया जाने लगा है। पूजा-पाठ, हवन आदि के लिए गोबर के कंडे को पैक करके बड़ी दुकानों और मॉल में बेचा जा रहा है। देश से लेकर विदेशों तक इसकी मांग है। आप गोबर के छोटे-छोटे कंडे या केक को पैक करके इसका व्यापार शुरू कर सकते हैं।
गोबर की अगरबत्ती का व्यवसाय
भारत में मच्छरों को भगाने के लिए कुछ बत्तीयों प्रयोग किया जाता है। लेकिन यह सारी बत्तीया केमिकल युक्त होती हैं और इनके नुकसान भी बहुत हैं। आजकल गोबर से बनी अगरबत्तियों का उपयोग भी मच्छर भगाने के लिए किया जा रहा है। ऑरगैनिक होने के वजह से लोग मच्छर भगाने के लिए अब गोबर से बनी बत्तीयों का उपयोग कर रहे हैं। गोबर से बनी अगरबत्तियों की मांग भी है और बाजार में अभी कोई बहुत कम्पटीशन भी नहीं है। ऐसे में यह व्यापार आपके लिए बेहद ही लाभकारी है।
गोबर की राखी की भी है मांग
जब भी कोई भारतीय पर्व आता है तो बाजार में चीन के सामानों का बहिष्कार शुरू हो जाता है। पिछले कुछ सालों से रक्षाबंधन पर गोबर से बनी राखियों की बिक्री खूब रही है। गोबर से बनी राखियां शहरों में बहुत ज्यादा ही प्रचलन में रही। कम लागत में अच्छा रिटर्न देने पाने के लिए गोबर की राखियां बनाना सही है। यह बिजनेस सिजनल तो है लेकिन अभी इसका बाजार बहुत है। भारतीय लोग त्योहारों पर नई चीजों का उपयोग करना पसंद करते हैं।
गोबर की लकड़ी का व्यापार
गोबर से बनी लकड़ी का उपयोग पूजा-पाठ में किया जाता है। गोबर की लकड़ी ज्यादा समय तक जलती है इसलिए इसका उपयोग हवन आदि में किया जाता है। अंतिम संस्कार में भी गोबर की लकड़ी का उपयोग किया जाता है। गोबर के लकड़ी की मांग साल भर बनी रहती है। गोबर की लकड़ी बनाने का मशिन आता है। मशीन से बने लकड़ी को सुखा कर आप इसे बाजार में बेच सकते हैं।


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