नई दिल्ली, सितंबर 22। आज अधिकतर घरों में गैस सिलेंडर है। पर इसका उपयोग बहुत ज्यादा सावधानी के साथ किया जाना चाहिए, एक छोटी सी गलती भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि एलपीजी का उपयोग करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और दुर्घटना होने पर क्या करना चाहिए। साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि यदि एलपीजी गैस सिलेंडर फट जाता है या गैस रिसाव दुर्घटना का कारण बनता है तो एक ग्राहक के रूप में आपके अधिकार क्या हैं। आगे जानिए पूरी डिटेल।
मिलते हैं 50 लाख रु
पेट्रोलियम कंपनियां एलपीजी यानी एलपीजी कनेक्शन खरीदने वाले ग्राहकों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा देती हैं। यह बीमा गैस रिसाव या एलपीजी सिलेंडर से विस्फोट के कारण हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना की स्थिति में 50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता के तौर पर मिलता है। यह बीमा मुहैया कराने के लिए पेट्रोलियम कंपनियों ने बीमा कंपनियों के साथ साझेदारी की है।
नुकसान की स्थिति में भुगतान
सिलेंडर देने से पहले, खुद डीलर को यह सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण करना चाहिए कि यह सही स्थिति में है। व्यक्तिगत दुर्घटना कवर ग्राहक के घर पर एलपीजी सिलेंडर के कारण जीवन या संपत्ति के नुकसान की स्थिति में फायदा दिलाता है। दुर्घटना होने पर ग्राहक की संपत्ति/घर को नुकसान होने की स्थिति में प्रति दुर्घटना 2 लाख रुपये तक का बीमा क्लेम किया जा सकता है।
जानिए जरूरी डिटेल
आधिकारिक वेबसाइट myLPG.in पर यह जानकारी दी गयी है कि दुर्घटना के बाद क्लेम कैसे किया जाए। वेबसाइट के मुताबिक, अगर किसी उपभोक्ता को एलपीजी कनेक्शन से सिलेंडर मिलता है और उसके घर में कोई दुर्घटना हो जाती है तो वह 50 लाख रुपये तक के बीमा का पात्र होता है।
घायल व्यक्ति को अधिकतम 10 लाख रुपये का मुआवजे
अगर कोई दुर्घटना होती है तो 50 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलता है। दुर्घटना में घायल प्रत्येक व्यक्ति अधिकतम 10 लाख रुपये के मुआवजे का हकदार है।
ये है क्लेम करने का प्रोसेस
एलपीजी सिलेंडर बीमा प्राप्त करने के लिए, ग्राहक को दुर्घटना की सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन और अपने एलपीजी वितरक को जल्द से जल्द देनी होगी। इंडियन ऑयल, एचपीसी और बीपीसी जैसे पीएसयू तेल कंपनियों के वितरकों के पास दुर्घटना बीमा होना आवश्यक है, जिसमें लोगों और संपत्ति के लिए थर्ड पार्टी लायबिलिटी कवरेज शामिल है। ये किसी विशिष्ट उपभोक्ता के नाम पर नहीं होता, लेकिन यह पॉलिसी सभी को कवर करती है। इसके लिए उसे कोई प्रीमियम भी नहीं देना पड़ता है। प्राथमिकी, अस्पताल के बिल और घायल व्यक्ति के मेडिकल बिल, साथ ही मृत्यु होने पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र की एक प्रति अपने पास रखें। गैस सिलेंडर दुर्घटना के बाद पहला कदम पुलिस में शिकायत दर्ज करना है। इसके बाद, संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय दुर्घटना के कारणों की जांच करता है। यदि दुर्घटना में एलपीजी शामिल है, तो एलपीजी वितरण एजेंसी/क्षेत्र कार्यालय इसके बारे में बीमा कंपनी के स्थानीय कार्यालय को सूचित करेगा। दावा तब उपयुक्त बीमा वाहक को प्रस्तुत किया जाता है। ग्राहक को दावा दायर करने या सीधे बीमा वाहक से संपर्क करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
More From GoodReturns

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?

Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis



Click it and Unblock the Notifications