नई दिल्ली, अक्टूबर 7। पिछले एक साल से ज्यादा समय में शेयर बाजार में निवेशकों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। इनमें अधिकतर रिटेल या छोटे निवेशक हैं, जो तेजी से पैसा बनाना चाहते हैं। मगर यह भी अकसर देखा गया है कि ऐसे छोटे निवेशक बाजार में तेजी के बीच गलतियां करने में सबसे आगे होते हैं। पर ऐसे निवेशकों को बाजार में तेजी के बीच 5 बड़ी गलतियां नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से वे नुकसान से बच सकते हैं।
ऐसे सेक्टरों में न करें निवेश
जब मार्केट तेज हो तो रिटेल निवेशकों को उन सेक्टरों में पैसा लगाने से बचना चाहिए, जो पहले से तगड़ी ग्रोथ हासिल कर चुके हैं। मौजूदा स्थिति में ऐसे सेक्टर फार्मा और आईटी हैं। इन दो सेक्टरों ने पिछले कुछ समय में काफी तेज ग्रोथ हासिल की है। निवेशकों को ऐसे सेक्टर में निवेश करना चाहिए, जो अब तक कमजोर प्रदर्शन वाला रहा है और उसके आगे ग्रोथ हासिल करने की उम्मीद है। यदि जानकारी की कमी के कारण आप ऐसे सेक्टर नहीं चुन सकते तो बेहतर है कि इंडेक्स फंड में निवेश करें।
म्यूचुअल फंड से स्टॉक्स में शिफ्ट
कई निवेशक शेयर बाजार से पैसा बनाने के लिए डायरेक्ट इक्विटी का रुख करने की सोचते हैं। इसके लिए वे म्यूचुअल फंड से सीधे शेयरों में पैसा लगाते हैं। मगर ये काफी बड़ी गलती हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि म्यूचुअल फंड में आपका पैसा एक्सपर्ट निवेश करते हैं। आप खुद ये काम अच्छे से नहीं कर सकते। एक अनुभवी फंड मैनेजर ही पोर्टफोलियो में ग्रोथ जनरेट कर सकता है।
कैसे आईपीओ में करें निवेश
निजी कंपनियों के प्रमोटर और उनके शुरुआती निवेशक मार्केट में तेजी का लाभ उठा रहे हैं और फिर आईपीओ ला रहे हैं। मगर तब तक रिटेल निवेशकों के लिए कुछ खास नहीं बचता। रिटेल निवेशकों को ऐसे इश्यू से दूर रहना चाहिए क्योंकि कई उदाहरण हैं जहां रिटेल निवेशकों ने बाजार के रिकॉर्ड स्तर पर होने पर कुछ कंपनियों के आईपीओ में निवेश करके अपना नुकसान कर लिया। केवल बढ़िया वैल्यूएशन वाले आईपीओ में दांव लगाएं।
मार्जिन ट्रेडिंग से बचें
अक्सर यह देखा गया है कि रिटेल निवेशक चार-पांच लाभदायक ट्रेड करने के बाद मार्जिन ट्रेडिंग और डेरिवेटिव ट्रेडिंग के जोखिम भरे एरिया में आ जाते हैं। मार्जिन ट्रेडिंग में निवेशक एक छोटी राशि लगाता है और ब्रोकरेज फर्म का ब्रोकर अपने क्लाइंट को निवेश मूल्य पर 4-5 गुना एक्सपोजर लेने की अनुमति देता है। मार्जिन ट्रेडिंग में यदि कीमतों में उतार-चढ़ाव ट्रेडर्स के पक्ष में है तो वह बहुत पैसा कमाता है। लेकिन अगर व्यापारी ने जो सोचा था, उसके उलट कीमत में उतार-चढ़ाव होता है, तो ट्रेडर अपनी सारी पूंजी खो देता है। इसलिए बुल मार्केट में लीवरेज्ड ट्रेड या मार्जिन ट्रेडिंग में शामिल होने से बचें।
मुनाफा निकालते रहें
निवेशकों की एक आम गलती यह रहती है कि वे चढ़ते बाजार में थोड़ा-थोड़ा आंशिक मुनाफ़ा नहीं निकातले। जैसे-जैसे बाजार बढ़ता है तो आपको मुनाफा निकालते रहना चाहिए। जानकार हमेशा सलाह ये देते हैं कि बाजार में तेजी हो तो आंशिक प्रोफिट बुक करें और पैसे को एफडी जैसे सुरक्षित निवेश में ट्रांसफर करें ताकि जब बाजार गिरे तो आप फिर से लो-लेवल पर फिर से एंट्री कर सकें।


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