नयी दिल्ली। पिछले कुछ समय में एटीएम के बाद केवाईसी से जुड़े फ्रॉड के मामले सामने आये हैं। धोखाधड़ी करने वाले केवाईसी करने के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं। ऑनलाइन पेमेंट ऐप्लिकेशंस के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए अब दिल्ली पुलिस ने लोगों को किसी भी प्रकार की नो योर कस्टमर (केवाईसी) धोखाधड़ी से बचने के लिए चार प्रमुख पॉइंट्स बताये हैं। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिये बताया गया है कि 'धोखे में न आयें। कोई भी भुगतान ऐप किसी फ़ोन कॉल पर केवाईसी का वेरिफिकेशन नहीं करता है। इनमें से अधिकतर कॉल / एसएमएस आपको धोखा देने के इरादे से किये जाते हैं।' राज्य के कानून लागू करने वाले निकाय ने भी चार चीजों को लिस्ट किया है, जिन पर आपको ध्यान में रखना चाहिए। इनमें सबसे जरूरी है फ्रॉड कॉल का शिकार होने से बचना।
किसी मैसेज में भेजे गए लिंक पर न करें क्लिक
धोखाधड़ी वाले मैसेजों में अकसर एक लिंक शामिल होता है, जो किसी मूल वेबसाइट की तरह ही दिखता है। लेकिन उसमें कुछ छोटे बदलाव होते हैं, जिन पर लोग ध्यान नहीं दे पाते। उदाहरण के लिए किसी वेबसाइट का मिलता-जुलता नाम ही आपको लिंक के साथ मैसेज में भेज दिया जायेगा, जो असल वेबसाइट का नहीं होगा। वहीं कोई फर्जी लिंक भी हो सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार के अनजाने मैसेज में आये लिंक पर क्लिक न करें।
अनजान कॉलर की सलाह पर कोई ऐप इंस्टॉल न करें
फ्रॉड कॉल करने वाले आपको अपने केवाईसी को पूरा / रिन्यू करने के लिए कोई विशेष एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए कह सकते हैं। कॉलर की सलाह पर ऐसे किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से बचें, क्योंकि यह आपके क्रेडिट और डेबिट कार्ड जैसी संवेदनशील जानकारी सहित आपके सभी डेटा को चुरा सकता है। एक खास बात और कि जालसाज आपको लेनदेन डिटेल की पुष्टि करने के लिए लेनदेन शुरू करने के लिए 1 रुपया ट्रांसफर करने के लिए कह सकता है। ऐसा करते समय संभव है कि वे आपकी प्राइवेट डिटेल चुरा लें, जिसका उपयोग लिंक किए गए बैंक खाते से एक बड़ी राशि निकालने के लिए किया जा सकता है।
केवाईसी एसएमएस में दिए गए नंबर पर कॉल न करें
आपको एक ऐसा भी मैसेज भेजा जा सकता है जिसमें एक असफल लेनदेन या अप्रूव्ड लोन के बारे में बताया गया हो। ये मैसेज आपको एसएमएस भेजने या कॉल करके लेनदेन पूरा करने के लिए कहेगा, जिसमें आपकी गोपनीय डिटेल साझा करने के लिए कहा जायेगा। ऐसी कोई भी जानकारी साझा न करें। दिल्ली पुलिस ने आगे उपयोगकर्ताओं को ऐसे कॉलर्स के साथ कोई डिटेल साझा न करने और उनके साथ कोई भी लेनदेन न करने की सलाह दी है। यदि आप ऐसी किसी भी घटना के बारे में जानते हैं या कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं, तो अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए साइबर क्राइम की वेबसाइट पर जा सकते हैं।
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