नई दिल्ली, फरवरी 6। सरकार ने इस बजट में मौजूदा संकट में नये अवसर तलाशने की कोशिश की है। इन उपायों से सरकार को पैसा बनाने में मदद मिल सकती है। सरकार को राजकोषीय घाटा पूरा करने का रास्ता मिल गया है। सरकार पहले से बढ़ती लागत का खामियाजा भुगतने के लिए संघर्ष कर रही है। राजकोषीय घाटे से जूझ रही सरकार पैसा जुटाना चाहती है। इस समस्या को दूर करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स का रास्ता निकाला गया है। क्रिप्टोकरेंसी के मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स और उसके ट्रांजैक्शन पर एक फीसदी टीडीएस लगाया जाएगा। ये उन लोगों के लिए बड़ा बोझ है, जो क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं।
सरकार को खूब फायदा
जानकारों का मानना है कि क्रिप्टो पर 30 फीसदी टैक्स और 1 फीसटी टी़डीएस न सिर्फ सरकारी खर्च कम होगा बल्कि रोजगार भी बढ़ेगा, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। क्योंकि सरकार ग्रोथ पर फोकस पर कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022 के बजट में इसका ऐलान किया था। इन वर्चुअल एसेट्स को खरीदने और बेचने पर एक प्रतिशत टीडीएस कटौती से सरकार को हर साल भारी आमदनी होगी।
कितनी कमाई करेगी सरकार
एक रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष जे.बी. महापात्रा के मुताबिक इस फैसले से हर साल सरकार के खाते में 1,000 करोड़ रुपये आएंगे। ये पैसा क्रिप्टो के लेन-देन पर सरकार को मिलेगा। इसमें प्रोफिट पर टैक्स की गणना नहीं की गयी है। एक अनुमान के अनुसार क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज का वार्षिक कारोबार 30,000 करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये के बीच है। अगर एक लाख करोड़ रुपये की राशि पर एक प्रतिशत टीडीएस काटा जाता है, तो हर साल 1,000 करोड़ रुपये सरकारी खाते में जमा किए जाएंगे।
टैक्स से इनकम का खुलासा नहीं
महापात्रा ने हालांकि यह नहीं बताया कि क्रिप्टोकरेंसी मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स लगाने से सरकार कितनी कमाई करेगी। हालांकि इंडस्ट्री का मानना है कि इस फैसले से सरकार को काफी पैसा मिलेगा। क्रिप्टोकरेंसी मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स और एक फीसदी टीडीएस सरकार को अमीर बना देगा। संकट में अवसर तलाशते हुए सरकार ने राजकोषीय घाटे को भरने की कोशिश शुरू कर दी है।
1 अप्रैल से लागू
क्रिप्टो पर नए टैक्स और टीडीएस कटौती नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू होंगे। नतीजतन अगले वित्तीय वर्ष में क्रिप्टोकरेंसी सरकारी राजस्व में एक प्रमुख भूमिका निभा सकती है। वर्तमान में देश में क्रिप्टोकरेंसी में 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है। जानकारों का कहना है कि क्रिप्टो से होने वाले मुनाफे के लिए आयकर रिटर्न में एक अलग कॉलम होगा। इसका मतलब यह है कि क्रिप्टो में निवेश करने वालों को अपने मुनाफे की रिपोर्ट सरकार को देनी होगी। क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स से सरकार को अपने वित्तीय घाटे को कम करने में मदद मिलेगी।
डिजिटल रुपया भी आएगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि डिजिटल मुद्रा आने वाले वर्ष में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि आरबीआई के समर्थन वाली सीबीडीसी को केंद्रीय बैंक द्वारा नियंत्रित और मॉनिटर किया जाएगा और यह भारत की फिएट मुद्रा का डिजिटल अवतार होगा। एक और अहम उन्होंने कही कि भारत का डिजिटल रुपया कैश में एक्सचेंजेबल (विनिमय योग्य) होगा। आसान शब्दों में कहें तो दोनों करेंसियां (डिजिटल रुपया और नोट) एक समान होंगे।


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