नयी दिल्ली। पिछले कुछ सालों में भारत में क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। मगर इसी के साथ क्रेडिट कार्ड के बिना या कम जरूरत पर इस्तेमाल करने में भी इजाफा हुआ है। जानकार हमेशा क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने के मामले में सावधानी और सतर्कता बरतने को कहते हैं, क्योंकि ये उस किस्म का लोन है जो आपकी जेब पर सबसे ज्यादा भारी पड़ सकता है। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने से पहले आपको कुछ ऐसी बातें हैं जो जरूर ही पता होनी चाहिए। इससे आप क्रेडिट कार्ड का सही तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि क्रेडिट कार्ड कंपनियां आपको ये बातें साफ तौर पर नहीं बताती, जिससे आप पर अधिक चार्ज या ब्याज का बोझ बढ़ सकता है। हम यहां आपको ऐसे ही 5 जरूरी बारे बताने जा रहे हैं जिन्हें आपको क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में हमेशा जहन में रखना चाहिए।
किश्तों में लोन चुकाने की सहूलियत
वैसे तो आम तौर पर जहां तक हो सके किसी भी तरह के लोन से बचना चाहिए। मगर यदि आप क्रेडिट कार्ड के जरिए खरीदारी करके लोन के चक्कर में पड़ जाएं तो जरूरी नहीं कि आप पूरी लोन राशि एक साथ चुकाएं, बल्कि आप इस पूरे भुगतान को ईएमआई यानी किश्तों में चुका सकते हैं। वैसे भी क्रेडिट कार्ड का फायदा यही है कि आप कभी भी कहीं से भी कुछ भी खरीद सकते हैं। किश्तों में चुकाने से आप पर एक साथ बड़ा आर्थिक बोझ नहीं आता।
भरना पड़ सकता है अधिक जुर्माना
हमेशा ध्यान रखें कि क्रेडिट कार्ड कंपनियां ग्राहकों से अधिक जुर्माना वसूलने का कोई मौका नहीं छोड़तीं। इसलिए आपको पेमेंट का सिलसिला एक दम परफेक्ट रखना चाहिए। वैसे अगर आप क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करके हर महीने न्यूनतम पेमेंट करते हैं, तो आपको ब्याज देना होता है। मगर यदि आप न्यूनतम पेमेंट में चूक जाएं तो आपको ब्याज के साथ साथ अधिक जुर्माना भी भरना पड़ेगा। यानी हर महीने न्यूनतम पेमेंट जरूर करें।
ब्याज दर होती है ऊंची
क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी या बैंक आपसे बैलेंस को अगले महीने में ले जाने को नहीं कहेगा। हां वे आपसे बैलेंस पर ब्याज जरूर वसूलेगा। ध्यान रहे कि बचे हुए बैलेंस पर क्रेडिट कार्ड कंपनी आपसे बहुत ऊंची ब्याज दर वसूलेगी। इसलिए हर महीने इतना ही खर्च करें जितना आप चुका सकें। वरना ब्याज की तगड़ी मार आप पर पड़ेगी। अकसर आपको क्रेडिट से खरीदारी करने पर ऑफर मिलते हैं। मगर ध्यान रहे कि कार्ड से खरीदारी के समय मिलने वाली छूट ब्याज के रूप में खत्म हो जाती है। यानी आपको ऑफर पर छूट तो मिलेगी पर ब्याज चुकाना पड़ेगा, जिससे छूट का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
क्रेडिट कार्ड से कैश न निकालें
जहां तक हो सके क्रेडिट कार्ड से कैश न निकालें। इसकी दो बड़ी वजह हैं। पहली बैंक इस पर आपसे ज्यादा ब्याज वसूलेगा और दूसरे यदि आप पेमेंट में चूक गए तो ब्याज के साथ साथ आपको भारी भरकम जुर्माना भी देना होगा।
आपके रिकॉर्ड पर होगी नजर
क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता कंपनी या बैंक आपकी पेमेंट का रिकॉर्ड जांच कर उसकी समीक्षा करता है। हर 6-12 महीने पर आपके क्रेडिट कार्ड रिकॉर्ड की समीक्षा होती है। अगर आप समय पर पैसा न चुकाएं या कोई ऐसा बदलाव करें तो बैंक को अच्छा न लगे तो वो आपकी ब्याज दर बढ़ा सकता है या क्रेडिट लिमिट कम कर सकता है।
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