नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के संकट के बीच निवेशकों के लिए काफी असमंजस है। नया निवेश करना जोखिम से खाली नहीं और पहले से किए अधिकतर निवेश (शेयर बाजार या इससे जुड़े माध्यम) की वैल्यू घट चुकी है। कोरोना संकट कब तक चलेगा ये भी कुछ नहीं कहा जा सकता। कोरोना संकट खत्म होने के बाद भी हालात कब सामान्य होंगे ये भी समय ही बताएगा। कोरोनावायरस और इसके कारण दुनिया भर में चल रहे लॉकडाउन से ग्लोबल इकोनॉमी प्रभावित हो रही है, जिससे निवेशकों के सामने और भी बड़ी-बड़ी चुनौतियां आएंगी। हालांकि कोरोना के कारण सामने आया आर्थिक संकट ऐसा पहला नहीं है, मगर जानकार कहते हैं कि ये 2008 के आर्थिक संकट से भी अधिक नुकसान देने वाला होगा। कुछ जानकार तो यहां तक कहते हैं कि ये कोरोना के कारण 100 सालों से भी अधिक समय से ज्यादा की सबसे खतरनाक मंदी आ सकती है। मगर फिर भी निवेशकों के लिए 3 ऐसे टिप्स हैं, जो उन्हें मुनाफा दिलवाने में कारगर साबित हो सकते हैं।
निवेश करना न रोकें
जैसी स्थिति अभी है ऐसी स्थिति पहले भी कई बार सामने आई है। मगर जानकार निवेश लगातार करने की सलाह देते हैं। ऐसी स्थिति में आपको घबराना नहीं चाहिए। शेयर बाजार में आने वाली भारी गिरावट या म्यूचुअल फंड की एनएवी घटने से आपको बहुत अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं है। खास कर अगर आप एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपको और भी अधिक टेंशन की जरूरत नहीं हैं। इस समय आपको लंबे समय के हिसाब से ही निवेश की तैयारी करनी चाहिए। वैसे भी एसआईपी शेयर बाजार के झटके को झेलने और बेहतर रिटर्न देने के लिए बेस्ट ऑप्शन है।
निवेश पोर्टफोलियो को बनाएं डाइवर्सिफाई
ऐसी अस्थिरता के बीच आपको अपने निवेश पोर्टफोलियो को समझदारी से प्रबंधन करना जरूरी है। इसका सबसे बेहतर तरीका है विभिन्न जगहों में थोड़ा-थोड़ा निवेश करना। अगर आपने अभी तक ऐसा नहीं किया तो ये काम तुरंत करें। सारा पैसा एक सेक्टर या एक निवेश उपकरण में न लगाएं, बल्कि अलग-अलग सेक्टरों और जगहों में लगाएं। यही पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन या पोर्टफोलियो में विविधिकरण लाना है। आप निवेश अपने लक्ष्य के हिसाब से करें और एफडी, पीपीएफ जैसे सुरक्षा उपकरणों में भी निवेश करें। इससे आपको नुकसान नहीं होगा।
नए सेफ निवेश ऑप्शन पर दें ध्यान
शेयर बाजार में भारी गिरावट आने पर ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप निवेश करना रोक दें। बल्कि ऐसे समय में आपको सरकारी छोटी बचत योजनाओं, पीपीएफ, एफडी, ईपीएफ और ऐसे ही अन्य ऑप्शन के बारे में जरूर सोचना चाहिए। बल्कि बेहतर तो यह है कि आप इन ऑप्शन को हमेशा अपे सामने रखें और इनमें से 1-2 ऑप्शन में थोड़ा-थोड़ा निवेश करना जारी रखें। दरअसल छोटी बचत योजनाएं और एफडी जैसे विकल्प आपको निश्चित ब्याज इनकम करवाएंगे। इसके अलावा आपको कुछ रिटायरमेंट वाली योजनाओं में निवेश जारी रखना चाहिए।
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