कूलर में भी होते हैं कई तरह के खेल, खरीदने से पहले जानें

नई दिल्ली, अप्रैल 16। गर्मी अब तेज होने लगी है। ऐसे में अगर घर में एयर कंडीशनर नहीं है, तो कम से कम कूलर तो जरूर होना चाहिए। अगर आप पहली बार कूलर खरीदने जा रहे हैं या अपना पुराना कूलर हटा कर नया खरीदने जा रहे हैं, तो पहले कुछ जानकारी कर लें। इससे आप अपनी जरूरत का ले सकेंगे, जो अच्छी कूलिंग भी देगा। आमतौर पर बाजार में 3 तरह के कूलर मिलते हैं, ऐसे में जरूरी है कि यह जाना जाए अपनी जरूरत किससे पूरी होगी।

3 तरह के होते हैं कूलर

3 तरह के होते हैं कूलर

बाजार में आमतौर पर 3 तरह के कूलर मिलते हैं। इनमें एक टॉवर एयर कूलर, दूसरा है रूम एयर कूलर और तीसरा प्रकार है डेजर्ट एयर कूलर।

-टॉवर एयर कूलर की पानी की टंकी 15 से लेकर 30 लीटर की होती है और यह 100 वर्ग फीट तक के कमरे के लिए ठीक रहता है।
-रूम एयर कूलर की पानी की टंकी 20 लीटर से लेकर 50 लीटर तक की होती है। यह कूलर आमतौर पर 100 वर्ग मीटर से लेकर 300 वर्ग फीट तक के कमरे के लिए अच्छा माना जाता है।
-डेजर्ट एयर कूलर की पानी की टंकी 60 लीटर से लेकर 100 लीटर तक की होती है। यह कूलर 300 वर्ग फीट से ज्यादा बड़े कमरे के स्थान के लिए अच्छा रहता है।

कमरे के हिसाब से खरीदें कूलर

कमरे के हिसाब से खरीदें कूलर

जिस कमरे या स्थान पर आप ठंडक चाहते हैं, उसी के हिसाब से कूलर खरीदना चाहिए। जगह के हिसाब से कूलर का साइज सही होना चाहिए। आमतौर पर कूलर की ठंडक सीएफएम यानी क्यूबिक फीट प्रति मिनट के हिसाब से मिलती है। सीएमएफ कमरे में हर मिनट में हवा की मात्रा को बताता है। कमरे के लिए आवश्यक सीएमएफ की गणना करके सही कूलर खरीदा जा सकता है।

ऐसे करें सीएफएम की गणना

ऐसे करें सीएफएम की गणना

आपका कूलर किस आकार का होना चाहिए अगर यह जानना हो तो पहले सीएफएम की गणना कर लेनी चाहिए। इसे वायु वितरण या वायु विस्थापन को जाना जा सकता है। इसके लिए आप अप कमरे का वर्ग फुट में आकार पहले जान लें। फिर इसमें कमरे की ऊंचाई का गुणा कर दें। अगर कमरे का आकार 100 वर्ग फीट है और ऊंचाई 8 फीट, तो आपके कमरें की सही नाम 800 घन फीट हुई। अगर इसमें 2 का भाग दे दें। इस प्रकार ऐसे कमरे का सीएफएम 400 घन फीट प्रति मिनट माना जाएगा। आजकल ज्यादातर ब्रांडिड कूलर घन मीटर प्रति घंटा के हिसाब से अपनी क्षमता बताते हैं।

सही कूलिग पैड भी जरूरी

सही कूलिग पैड भी जरूरी

कूलर में सही कूलिंग पैड का होना भी जरूरी होता है, तभी अच्छी ठंडक मिलती है। इस कूलिंग पैड पर एक बार पानी के फैलाव के कारण गीला हो जाने पर, यह हवा को पास करने से गर्मी को अवशोषित करते हैं। इससे ठंडी हवा मिलती है। ठंडी हवा के बेहतर कूलिंग पैड का होना जरूरी है।। मोटे कूलिंग पैड होना अच्छा माना जाता है। कूलिंग पैड की मोटाई अगर 90 मिमी हो तो इसे अच्छा माना जाता है।

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