Wholesale Price Index And Consumer Price Index: भारत में अलग-अलग इंडेक्स होते हैं जैसे थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index- WPI) उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index - CPI) आदि जो भारत में मुद्रास्फीति की दर को मापते हैं। समय के साथ वस्तुओं और सेवाओं की समय की बढ़ती कीमतों की वजह से मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए मूल्य सूचकांक (price index) का सहारा लिया गया जाता है। आइए इनके बारे में हम WPI और CPI के बारे में आपको डिटेल में अंतर बताते हैं।

आखिर क्या है थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index - WPI)?
WPI सूचकांक थोक बाजार में खरीदे और बेचे जाने वाले सामानों के औसत मूल्य परिवर्तन (Average Price Change) को दर्शाता है। यह थोक व्यवसायों द्वारा अन्य व्यवसायों को बेचे जाने वाले सामानों की कीमतों में बदलाव को मापता है। यह Economic Adviser ऑफिस, Ministry and Commerce Industry द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यह भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला मुद्रास्फीति संकेतक(Inflation Indicator) है।
आखिर क्या है उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index - CPI)?
यह रिटेल बायर्स के नजरिए से मूल्य परिवर्तन को मापता है। यह राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office -NSO) द्वारा जारी किया जाता है। सीपीआई वस्तुओं और सर्विस जैसे भोजन, चिकित्सा देखभाल, शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि की कीमत में अंतर की गणना करता है, जिसे भारतीय उपभोक्ता उपयोग के लिए खरीदते हैं। इसके कई सब ग्रुप हैं जिनमें खाद्य और पेय पदार्थ, ईंधन और प्रकाश, आवास और कपड़े, बिस्तर और जूते शामिल हैं।
ये हैं सीपीआई के प्रकार
सीपीआई के औद्योगिक श्रमिकों के लिए सीपीआई (आईडब्ल्यू)।, कृषि मजदूर के लिए सीपीआई (एएल)।, ग्रामीण मजदूर के लिए सीपीआई (आरएल)।, सीपीआई (ग्रामीण/शहरी/संयुक्त)। शामिल है।
सीपीआई और डब्ल्यूपीआई में ये है अंतर
ईंधन में बिजली, कोयला खनन और खनिज तेल शामिल हैं। मैन्युफैक्चरिंग आइटम के सेक्टर में फूड प्रोडक्ट शामिल हैं। पेय पदार्थ, तंबाकू और तंबाकू उत्पाद, लकड़ी और लकड़ी के उत्पाद, वस्त्र; कागज और कागज उत्पाद, बुनियादी धातु और मिश्र धातु; रबर और रबर उत्पाद।
WPI मैन्युफैक्चर स्तर पर मुद्रास्फीति को ट्रैक करता है और CPI उपभोक्ता स्तर पर कीमतों के स्तर में बदलाव को ट्रैक करता है। इसके अलावा WPI सेवाओं की कीमतों में परिवर्तन को कैप्चर नहीं करता है, जो CPI करता है।
भारत में मुद्रास्फीति को मुख्य रूप से दो मुख्य सूचकांकों WPI और CPI द्वारा मापा जाता है, जो थोक और रिटेल लेवल के मूल्य परिवर्तनों को मापते हैं। WPI में विनिर्मित वस्तुओं को अधिक वेटेज दिया जाता है, जबकि CPI में खाद्य पदार्थों को अधिक वेटेज दिया जाता है।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

IPO बंद होने का आखिरी मौका: आज शाम 5 बजे से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना अटक सकता है पैसा

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन



Click it and Unblock the Notifications