नयी दिल्ली। कोरोनावायरस महामारी के बाद भारत चीन में व्यापार करने वाली अमेरिकी कंपनियों के लिए एक वैकल्पिक निवेश ऑप्शन के रूप में उभर कर सामने आ सकता है। ये एक ऐसा विचार है जिसे अमेरिकी सरकार के राज्य विभाग का समर्थन कर रहा है। ये चीन के लिए झटका और भारत के लिए किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं होगा। अमेरिकी राज्य विभाग के एक सीनियर अधिकारी और भारत में काम करने वाली बड़ी अमेरिकी कंपनियों (जो भारत में अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के माध्यम से कारोबार करती हैं) के प्रतिनिधियों के बीच पिछले हफ्ते हुई एक बैठक में चीन से ट्रांसफर होने वाली कंपनियों के लिए एक संभावित देश के रूप में भारत के महत्व पर चर्चा की गई। अमेरिकी विदेश विभाग में दक्षिण एशिया के लिए राज्य के सहायक सचिव Thomas Vajda के मुताबिक मौजूदा समय में चीन में होने वाले ज्यादातर कारोबारी एक्टिविटीज के लिए भारत बहुत जल्द एक अनुकूल क्षेत्र बन सकता है।
अमेरिकी कंपनियों के लिए दरवाजे खुले
कई अमेरिका स्थित कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी भारत सरकार को वो प्रस्ताव देने की सलाह दी गई है जिससे उन्हें भारत में अपने कारोबार को फैलाने का मौका मिले और भारत में आने के लिए और अधिक कंपनियों के लिए बेहतर माहौल तैयार हो सके। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार Vajda के मुताबिक इसके लिए दोनों देशों की सरकारों के बीच के शानदार संबंध काफी सहायक होंगे। भारत सरकार विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए रणनीति बना रही है। केंद्र सरकार उन कंपनियों को भी रिझाना चाहती है जो चीन से बाहर निकलना चाहती हैं। इस लिहाज से इस वक्त अमेरिकी सरकार का यह कदम भारत के लिए काफी फाएदेमंद होगा।
भारत के लिए शानदार अवसर
गौरतलब है कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर से प्रोडक्ट्स की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, जिससे कंपनियों का प्रोफिट मार्जिन घट रहा था। हालांकि भारत तब उन देशों के बीच तनातनी का पूरी तरह फायदा नहीं उठा सका, मगर केंद्र और राज्य इस बार विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। वैसे भी सैकड़ों कंपनियां चीन से निकलने के संकेत दे चुकीं हैं। ऐसे में उनके लिए भारत एक शानदार ऑप्शन होगा।
पीएम ने की राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात
बीते सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्रियों को चीन से बाहर निकलने वाली कंपनियों से निवेश आकर्षित करने की संभावना तलाशने के लिए कहा था। पीएम के मुताबिकों राज्य सरकारों के पास राज्य स्तर पर इंडस्ट्रीज का स्वागत करने के लिए तैयार रणनीति होनी चाहिए। केंद्र सरकार का लक्ष्य भारत में और अधिक निवेश प्राप्त करना है। सड़क परिवहन, राजमार्ग और एमएमएसई जैसे मंत्रालय चीन से भारत में अपना कारोबार ट्रांसफर करने की इच्छुक कंपनियों को फास्ट ट्रैक अनुमति देने के लिए भी उत्सुक हैं।


Click it and Unblock the Notifications