Credit Score : अगर आपने कोई लोन लिया हुआ है तो फिर उस लोन को अदा करना आपकी प्राथमिकताओं में शामिल होता है। कई सारे लोग लोन को लेने के बाद उस लोन को जल्द उतारने के चक्कर में लगे रहते है। कई लोग होम लोन का प्री पेमेंट या कार लोन का प्री पेमेंट कर उसे जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं।
क्या आप यह जानते हैं कि अगर आप जल्द ही लोन का भुगतान कर देते हैं तो फिर इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ सकता है।

अगर आप अपने लोन को पूरा अदा कर देते हैं या बैलेंस सेटल करने के बाद किसी क्रेडिट कार्ड को बंद कर देते हैं तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है।
आपके क्रेडिट स्कोर में बदलाव होने की कई सारी वजह हो सकती है। कम वक्त में लोन को चुकाने के बाद आपके लोन खाते को बंद कर देते है तो आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
आपको यह पता होना चाहिए कि आपका क्रेडिट स्कोर कैसे कैलकुलेट किया जाता है साथ ही आपको यह जानना भी बेहद जरूरी है कि जल्दी लोन चुकाने से आपका क्रेडिट स्कोर क्यों गिर जाता है। इसके साथ ही आपको यह जानना भी जरूरी है कि आपको क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए क्या करना चाहिए।
आपके क्रेडिट स्कोर को निर्धारित करने के लिए कई सारी चीजें महत्वपूर्ण होती है। जैसे क्रेडिट यूटिलाइजेशन, क्रेडिट हिस्ट्री की लंबाई, पेमेंट हिस्ट्री, नया क्रेडिट और क्रेडिट मिक्स आदि। अगर आप वक्त पर अपनी मासिक किस्त का भुगतान करते हैं और इसके साथ ही आप मिनिमम अमाउंट ड्यू चुकाते रहते हैं तो इससे आपकी पेमेंट हिस्ट्री बेहतर होती है।
यदि आपके पास 5 लाख रु का कर्ज क्रेडिट उपलब्ध है और आप 3 लाख रु का कर्ज लेते हैं तो इससे आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो बेहतर बना रहता है। आपके क्रेडिट खाते की आयु से भी आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की लंबाई सुनिश्चित की जाती है।
अगर आप वक्त से पहले लोन का भुगतान कर देते है या एक क्रेडिट कार्ड को बंद कर देते हैं तो आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो बढ़ जाता है। जिस वजह से आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है।
अगर आप पुराना क्रेडिट कार्ड या फिर लोन खाते को बंद कर देते है तो फिर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की औसत उम्र घट जाती है, इस वजह से आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है।
इसके साथ ही अगर आप किसी एक लोन अकाउंट को बंद कर देते हैं तो आपके क्रेडिट टाइप की वैरायटी कम हो जाती है, इससे भी आपके स्कोर पर असर पड़ता है।
क्रेडिट ब्यूरो 30 दिन से 45 दिन के अंतराल में रिपोर्टिंग करता है, यही कारण है कि आपने हाल में जो भुगतान दिया है। इसका असर तुरंत ही आपके क्रेडिट स्कोर में पड़े इसकी आशंका काफी कम रहती है। लोन के भुगतान, लेट पेमेंट या क्रेडिट इंक्वारी के कारण से भी आपके क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है।
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