नई दिल्ली, जुलाई 19। प्रत्येक माता-पिता अपने बच्चे को सबसे अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं। अगर किसी पेरेंट्स की इच्छा हो की वो अपने बच्चों को विदेश में पढ़ने के लिए भेजे तो विदेश में पढ़ाई में लगने वाले खर्चे को आज से ही जमा करना सही कदम होगा। आज के समय में शिक्षा महंगी हो गई है। इसलिए विदेश के देशों में अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए भेजने के लिए एक बड़े धन कोष की जरूरत होगी।
अभी से शुरू कर दे निवेश
यदि आपका बच्चा अभी 10 वर्ष का है, और आप उसे स्नातक, स्नातकोत्तर या दोनों की पढ़ाई के लिए विदेश भेजना चाहते हैं तो आर्थिक जानकारों के अनुसार आपको अभी से निवेश करना शुरू कर देनी चाहिए। जानकारों के अनुसार विदेश में पढ़ाई के लिए भेजने के लिए आपको अपने बच्चे के लिए कॉलेज फीस, छात्रावास या घर का किराया, रोज के खर्चे, आने जाने का हवाई किराया आदी का खर्चा उठाना होता है। इन सभी खर्चों को सामान्य तौर पर जोड़े तो यह 50 लाख से 75 लाख के बीच हो जाता है, कुछ देशों में तो यह राशि 1 करोड़ तक पहुच जाती है।
योजना बना के करें निवेश
अगर आपके बच्चों को उच्च शिक्षा की पढ़ाई शुरू करने में 7-8 साल का समय बचा है तो, आपको एक बड़ी राशि इकट्ठा करने के लिए हर महीने के निवेश की योजना बनानी चाहिए। आप निवेश की योजना बनाने में किसी आर्थिक सलाहकार की भी मदद ले सकते हैं। जानकारों की मानें तो आपको पढ़ाई में होने वाले अनुमानित खर्च की गणना कर लेनी चाहिए। खर्च की राशि कैलकुलेट करने के बाद आपको योजना के तहत म्यूचुअल फंड, स्टॉक मार्केट, बॉन्ड और अन्य इक्विटी टुल्स में अलग-अलग एक निश्चित राशि निवेश करनी चाहिए। अलग- अलग निवेश करने से जोखिम को कम कर सकते हैं।
निकालते समय रखे सावधानी
जब आप अपने निर्धारित लक्ष्य के करीब पहुंच जाए। जानकरा कहते हैं कि आपको अपने पोर्टफोलियो को ऋण में बदल लेना चाहिए। इससे बाजार के अस्थिरता के कारण जाखिम कम होता है। लगातार और सावधानी पुर्वक निवेश से आप अपने बच्चो के विदेश शिक्षा के लिए फंड समय पर जुटा पाएंगे।


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