नयी दिल्ली। मार्च में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (Central Board of Trustees) ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएप) पर ब्याज दर को 2019-20 के लिए 8.5 फीसदी तक घटा दिया। ये ईपीएफ की पिछले 7 सालों में सबसे कम ब्याज दर है। हालांकि ध्यान रहे कि वित्त मंत्रालय ने अभी तक इसे अधिसूचित नहीं किया है। लाखों सैलेरी पाने वाले लोग और उनके एम्प्लोयर हर महीने ईपीएफ में योगदान करते हैं, जो एक रिटायरमेंट बेनेफिट स्कीम है। एक कर्मचारी अपने वेतन का 12 फीसदी ईपीएफ में योगदान देता है और इतना ही योगदान उसके एम्प्लोयर की तरफ से किया जाता है। एम्प्ल्योर या कंपनी के योगदान में से 8.33 फीसदी कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) में जाता है और बाकी कर्मचारी के पीएफ खाते में जाता है। ईपीएस के लिए सैलरी की अधिकतम सीमा अभी 15,000 रुपये प्रति माह है। इसलिए ईपीएस में अधिकतम योगदान 1250 रुपये प्रति माह ही है।
हर महीने होती है ब्याज की गणना
गौरतलब है कि ईपीएफ ब्याज की गणना हर महीने की जाती है लेकिन आपके खाते में वित्तीय वर्ष के अंत में ही जमा की जाती है। ईपीएफ में किए गए योगदान पर पीपीएफ जैसी सोवरेन गारंटी वाले निश्चित आय ऑप्शन के मुकाबले अधिक ब्याज मिलता है। ईपीएफ में लिक्विडिटी भी पीपीएफ से अधिक होती है। जानकार बताते हैं कि ब्याज दर की गणना और इस तरीके के बेनेफिट के बारे में जानने के बाद किसी के भी लिए वीपीएफ (निश्चित ईपीएफ योगदान के बाद किया जाने वाला निवेश) और पीपीएफ में बेस्ट ऑप्शन चुनना आसान हो जाएगा।
ऐसे करें ब्याज का कैल्कुलेशन
बता दें कि ईपीएफ के नियमों में सितंबर 2014 के बाद कुछ बदलाव आया है। इसलिए यहां यह मान कर ब्याज की गणना करेंगे कि आप सितंबर 2014 से पहले ईपीएफओ के सदस्य बने हैं। उदाहरण के लिए आपकी बेसिक सैलेरी और अलाउं मिला कर 20000 रु है। इस राशि के हिसाब से आपका ईपीएफ में योगदान 2400 रु होगा और आपके एम्प्लोयर का अधिकतम 15000 पर 8.33 फीसदी यानी 1150 रुपये। तो आपके ईपीएफ में कुल जमा होगा 3550 रुपये। अब ब्याज की बात करें तो उदाहरण के लिए अप्रैल में आपके ईपीएफ खाते में जमा हुए 3550 रु, मगर इस पर आपको कोई ब्याज नहीं मिलेगा। क्योंकि सैलेरी अप्रैल के अंतिम दिनों में आएगी। मई में फिर से 3550 रु जमा होंगे यानी कुल 7100 रुपये। इस समय ईपीएफ पर ब्याज दर 8.5 फीसदी। मगर इसे 12 से भाग देना होगा क्योंकि आपको 12 महीनों का ब्याज एक साथ मिलेगा। 8.5 फीसदी को 12 से विभाजित करने पर 0.70 फीसदी मासिक ब्याज मिलेगा। इस लिहाज से 7100 रुपये पर आपको करीब 50 रु का ब्याज मिलेगा। इस तरीके से आप आगे के ब्याज की गणना कर सकते हैं।
ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ
अगर आप ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको ईपीएफओ के पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करना होगा। इसके बाद आप ईपीएफओ पोर्टल पर लॉग-इन कर सकेंगे। इसके लिए जरूरी चीज है यूएएन यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर, जिसके आने के बाद ईपीएफओ की बहुत सारी सेवाओं का लाभ उठाना काफी आसान हो गया है। ईपीएफओ की ऑनलाइन सर्विसेज का फायदा उठाने के लिए आपको यूएएन जरूर ही एक्टिवेट करना होगा।


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