नई दिल्ली, अप्रैल 3। वित्तीय स्वतंत्रता (या फाइनेंशियल फ्रीडम) वह वित्तीय स्थिति होता है, जिसमें आपने इतनी पर्याप्त पैसिव इनकम (निवेश के माध्यम से) अर्जित की है, कि आपको अपने जीवन काल में फिर से काम करने की आवश्यकता नहीं है और उस इनकम से आप अपना जीवन जी सकते हैं। दुनिया भर में फायर या एफआईआरई (वित्तीय रूप से स्वतंत्र, रिटायर्ड अर्ली) की अवधारणा ने बहुत अधिक रुझान प्राप्त किया है, लेकिन वित्तीय स्वतंत्रता भारत में एक नई और कम समझी जाने वाली अवधारणा है। इसी कम जानकारी के चलते लोग करियर की शुरुआत में घर खरीद लेते हैं। पर बता दें कि जल्दी घर खरीदना आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। ये फैसला आपकी फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए बड़ी अड़चन साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे।
घर खरीदने के लिए लोन
हम में से बहुत से लोग अपने वित्तीय करियर की शुरुआत में ही घर खरीद लेते हैं। आम तौर पर पहले 8-10 वर्षों के भीतर। यह सेटल होने के एक सामाजिक दबाव के कारण भी होता है। लेकिन घर खरीदने पर भावनात्मक लाभ के अलावा इसके कुछ नुकसान भी हैं। आप घर खरीदने के लिए लोन लेंगे। लोन लेंगे तो आपका बचत कर पाना, निवेश आदि का बजट बिगड़ेगा।
समझिए गुणा गणित
जीवन की शुरुआत में घर खरीदने के लिए लोन लेने से पर्याप्त बचत नहीं कर पाते हैं। मान लीजिए यदि कोई 30 से 50 साल की आयु तक हर महीने 10 हजार रु का निवेश करे तो उसकी निवेश राशि होगी 24 लाख रु। इस पर उसे आराम से 12 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न मिल जाएगा। इस तरह 20 साल उसके पास जो फंड तैयार होगा वो होगा 98 लाख रु। यदि आप लोन लें तो आप ऐसा नहीं कर पाएंगे। बल्कि हो सकता है कि आप 20 साल से ज्यादा तक समय लोन ही चुकाते रहें।
जरूरत से ज्यादा प्रॉपर्टी में निवेश
40-45 वर्ष की उम्र वाले कई लोग जो वित्तीय स्वतंत्रता के रास्ते पर हैं, प्रॉपर्टी में अत्याधिक निवेश कर देते हैं। पर निश्चित रूप से ऐसा होना बहुत अधिक अच्छी बात नहीं है। मान लीजिए कि परिवार के पूरे निवेश पोर्टफोलियो में कई घर शामिल हैं। जैसे-जैसे उनके वित्तीय लक्ष्य (बच्चों की विदेशी शिक्षा या शादी) नजदीक आए, यह स्पष्ट हो गया कि इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इन घरों को सही कीमत पर बेचना आसान नहीं है। इसलिए जो निवेश आपने प्रॉपर्टी में किया उसे अन्य अधिक लिक्विड ऑप्शनों में लगाएं।
सही समय पर सही फैसला
वित्तीय गलतियां आमतौर पर दो प्रकार की होती हैं। एक जिन्हें ठीक किया जा सकता और दूसरी तरह की गलतियों को नहीं। निवेश की गलतियाँ काफी हद तक ठीक करने योग्य होती हैं। प्लानिंग कहीं अधिक रणनीतिक है और इसलिए यहां की गई गलतियाँ किसी की वित्तीय यात्रा पर बहुत अधिक प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं यानी सारा खेल बिगाड़ी सकती हैं। इसलिए वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने के लिए घर खरीदने के बजाय निवेश करें। उससे पैसा बढ़ाएं और फ्यूचर में बड़ा फंड जमा करने पर घर लें। उपरोक्त गलतियों को चेक करें और पता करें कि आपने इनमें से कोई भी गलति तो नहीं की। यदि हां तो आपकी वित्तीय स्वतंत्रता यात्रा खतरे में पड़ सकती है।
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