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Business Idea : फूलों से कमाएं पैसा, आसान है तरीका

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नई दिल्ली, जुलाई 18। भारत के किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक विधि और मॉडर्न ट्रेंड को अपनाकर खेती से शानदार फायदा कमा रहे हैं। फूलों की खेती करना भी एक मॉडर्न और इनोवेटिव फार्मिंग का उदाहरण है। फ्लोरीकल्चर यानी की फूलों की खेती में शुरुआत में थोड़ा निवेश तो है लेकिन एक बार के मेहनत के बाद किसान कई वर्षों तक इसका मुनाफा कमाता है। यानी कुल मिलाकर फूलों की खेती में पारंपरिक खेती के मुकाबले फायदे का सौदा है। आज हम आपको रजनीगंधा फूल की खेती और उससे मिलने वाले मुनाफे की बात करेंगे।

 

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रजनीगंधा का क्या है इस्तेमाल

रजनीगंधा का क्या है इस्तेमाल

रजनीगंधा की खेती किसानों को मालामाल बना सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि रजनीगंधा के फूल की बाजार में डिमांड काफी अच्छी है। भारत में कई जगहों पर रजनीगंधा का प्रयोग महिलाओं के बालों में लगाए जाने वाले गजरे में किया जाता है। इसके अलावा शादी समारोह में और किसी भी अन्य फंक्शन में जो गुलदस्ते प्रयोग होते है, उसमें भी रजनीगंधा का प्रयोग होता है।

कई दिनों तक रहती है फ्रेशनेस
 

कई दिनों तक रहती है फ्रेशनेस

फ्लोरीकल्चर की खेती में कई विदेशी किस्म के फूलों की खेती को लेकर भी किसान उत्साहित है, लेकिन रजनीगंधा की खेती किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने खेती है। रजनीगंधा के फूलों की खेती किसानों को लुभा रही है। रजनीगंधा की खेती इसलिए भी किसानों को भार रही है क्योंकि बाजार में इसकी मांग बनी रहती है, किसानों को फूल बेचने के लिए मसक्कत नहीं करनी पड़ती। रजनीगंधा तोड़ने के कई दिनों तक खराब भी नहीं होता है, जिससे नुकसान होने का डर कम रहता है।

किन राज्यों में हो रही है खेती

किन राज्यों में हो रही है खेती

फिलहाल रजनीगंधा की खेती पश्चिम बंगाल, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश के किसान कर रहे हैं। महाराष्ट्र में तो रजनीगंधा की खेती होती ही है और अब दक्षिण भारत में कर्नाटक और तमिलनाडु के किसान भी रजनीगंधा के फूलों की खेती कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में रजनीगंधा की खेती जून के महीने में की शुरू की जाती है जबकि मैदानी इलाको में किसान सितंबर से रजनीगंधा उगाना शुरू करते है। इस फूल की खेती के लिए हवादार और पर्याप्त सूरज की रोशनी वाली जगह बेहतर मानी जाती है। रजनीगंधा के फूलों की सिंचाई में किसानों को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती।

5 लाख रुपए का है सालाना मुनाफा

5 लाख रुपए का है सालाना मुनाफा

एक एकड़ खेत में करीब 1-2 लाख रुपए की लागत आती है, और एक एकड़ में 90 से 100 क्विंटल फूल निकलता है। मार्केट के रेट को देखते हुए रजनीगंधा साल भर नें 5 से 6 लाख रुपए का मुनाफा दे सकता है। रजनीगंधा के फूल 4-5 महीने में तैयार हो जाते हैं।

English summary

Business Idea Earn money from flowers easy way

Floriculture is also an example of a modern and innovative farming. Floriculture means there is little investment in floriculture in the beginning, but after one-time hard work, the farmer earns its profit for many years.
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