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अचानक बढ़ी रेपो रेट से अधिक हो गया EMI का बोझ, तो ऐसे करें मैनेज, जानिए टिप्स

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नई दिल्ली, मई 8। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 4 मई को अचानक रेपो दर में 40 आधार अंकों (100 आधार अंक एक प्रतिशत के बराबर) की वृद्धि कर दी। जबकि अगली मौद्रिक नीति बैठक एक महीने दूर है। ऐसे में बैंकों ने लोन की ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर दिया है, जिससे लोगों पर ईएमआई का बोझ बढ़ेगा। लोगों के लिए यह कठिन परिस्थिति है, क्योंकि दूसरी तरफ महंगाई भी बढ़ रही है। भोजन से लेकर ईंधन तक की कीमतें बढ़ रही हैं। यदि लोन ईएमआई के कारण आपका मासिक बजट बिगड़ा हुआ लगता है, तो आप क्या कर सकते हैं, यहां हम आपको उसी के बारे में कुछ शानदार टिप्स देंगे। इन टिप्स की मदद से आप ईएमआई का बोझ कम कर सकते हैं।

 

ICICI Bank, Bank of Baroda ने दिया झटका, महंगा कर दिया Loan, बढ़ेगी EMI

लोन की अवधि बढ़वाएं

लोन की अवधि बढ़वाएं

ईएमआई के बजाय बैंक से लोन की अवधि बढ़ाने का अनुरोध करें। जानकार मानता हैं कि कैश फ्लो के दबाव में लोन अवधि बढ़ाने से राहत मिल सकती है। इससे आपकी मासिक ईएमआई नहीं बढ़ेगी। एक उदाहरण के लिए 6.75 फीसदी पर 25 साल की अवधि के लिए 50 लाख रुपये के लोन ईएमआई केवल 34,500 रुपये से बढ़ कर 35,800 रुपये हो जाएगी। लेकिन अगर ईएमआई समान बरकरार रखी गई तो कार्यकाल 36 महीने बढ़ जाएगा।

थोड़ा (आंशिक) भुगतान एक साथ कर दें
 

थोड़ा (आंशिक) भुगतान एक साथ कर दें

अधिक ईएमआई के दबाव को महसूस करने से बचने के लिए, आपके पास कम से कम आंशिक रूप से अपने लोन का पूर्व-भुगतान (प्री-पेमेंट) करने का विकल्प है। कम से कम ब्याज वृद्धि के बराबर राशि का पूर्व-भुगतान करें। इसलिए, यदि आपके पास 1 करोड़ रुपये का लोन है, तो यह सुनिश्चित करने के लिए 5 लाख रुपये का भुगतान करें कि ब्याज भुगतान अब केवल 95 लाख रुपये पर बकाया है।

होम लोन बचत खाता स्विच

होम लोन बचत खाता स्विच

हाल ही में, कई बैंक होम सेविंग अकाउंट या होम-प्लस लोन अकाउंट की पेशकश कर रहे हैं, जो एक अटैच्ड ओवरड्राफ्ट अकाउंट के साथ आने वाला होम लोन है। यहां लाभ यह है कि आप इस ओवरड्राफ्ट खाते में किसी भी प्रकार के सरप्लस पैसे को जमा कर सकते हैं। मगर ये पैसा कटेगा नहीं। यदि आपका बकाया 35 लाख रुपये है और आपने ओवरड्राफ्ट खाते में चार महीने के लिए 7 लाख रुपये जमा किए हैं, तो बैंक उन चार महीनों के लिए 28 लाख रुपये पर ब्याज लेगा, जिससे कुल ब्याज खर्च कम हो जाएगा।

बैंक को बदलने से पहले गौर करें

बैंक को बदलने से पहले गौर करें

ब्याज दरों में वृद्धि होने पर दूसरे बैंक के पास जाना एक स्वाभाविक कदम है। लेकिन सलाहकारों का सुझाव है कि यह बेकार है। जब रेपो दर में वृद्धि हुई है, तो सभी बैंक की ब्याज दर में बदलाव प्रभावी होगा और किसी अन्य बैंक के पास जाने से कोई लाभ नहीं होगा।

लोन स्ट्रक्चरिंग

लोन स्ट्रक्चरिंग

यदि आपकी वेतन में शुरू हुई कटौती कोविड-19 के बाद भी बहाल नहीं हुई है और आप अभी भी कोरोना के प्रभावों से उबर रहे हैं (जिसमें आपका ब्याज खर्च बढ़ गया है), तो अपनी बैंक शाखा में जाना सबसे अच्छा है। अपने बैंक के अधिकारियों के साथ बातचीत करें और उनसे लोन की स्ट्रक्चरिंग करने का अनुरोध करें।

English summary

burden of EMI rises after suddenly increased in repo rate so manage in this way know tips

Request the bank to extend the tenure of the loan instead of EMI. Experts believe that increasing the loan tenure can provide relief under the pressure of cash flow. This will not increase your monthly EMI.
Story first published: Sunday, May 8, 2022, 18:01 [IST]
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