नयी दिल्ली। दिल्ली-आधारित स्टार्टअप भारतपे ने दो वॉयस आधारित एप्लिकेशन लॉन्च किए हैं, जो कोरोनावायरस संकट के बीच अपने फोन को छूए बिना लेन-देन और बैलेंस जानने में मदद करेंगे। कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए भारतपे ने यह नई सर्विस शुरू की ताकि उपयोगकर्ताओं को फोन छूना न पड़े और लेन-देन के साथ बैलेंस की जानकारी भी मिल जाए। व्यापारिक पेमेंट और लेंडिंग नेटवर्क प्रोवाइडर ने 'पैसा बोलेगा' लॉन्च किया है, जो एक वॉइस अलर्ट फंक्शन है। इसके जरिए फोन को टच किए बिना दुकानदारों को अपने भारतपे क्यूआर के माध्यम से प्राप्त सभी भुगतानों की तुरंत पुष्टि हो जाएगी। कोरोना संकट के समय फोन छूना भी खतरनाक हो सकता है। इसी से बचने के लिए भारतपे ने बेहद सुविधाजनक और सुरक्षा वाली शुरुआत की है। इस नये टूल से लेन-देन के मूल्य की घोषणा करते हुए दुकानदार का स्मार्टफोन को एक लाउड स्पीकर में बदल जाएगा।
नया ऐप आवाज से बताएगा बैलेंस
भारतपे ने एक और ऐप BharatPe Balance भी शुरू किया है। भारतपे बैलेंस क्विक रेस्पोंस (QR) के माध्यम से दुकानदार को डिपॉजिट, लोन और रोजाना के कलेक्शन की जानकारी देगा। यह दुकानदार के डेली क्यूआर कलेक्श का एक स्नैपशॉट, 12 प्रतिशत ब्याज खाते में शेष राशि और लोन लिमिट की जानकारी देगा। भारतपे ने एक बयान में कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रति व्यापारी बिजनेस में काफी बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि ग्राहक और दुकानदार दोनों ही संपर्क रहित (Contactless) क्यूआर पेमेंट पसंद करते हैं। वैसे भी आरबीआई ने शुरुआत में ही कैश के बजाय डिजिटल पेमेंट करने की सलाह जारी कर दी थी।
और बढ़ेगा भारतपे का कारोबार
भारतपे के सीईओ और को-फाउंडर ने सोमवार को कहा कि भारतपे को अगले पांच महीनों में लगभग 700 करोड़ रुपये की राशि बांटने की उम्मीद है, क्योंकि लॉकडाउन में मिलने वाली छूटों से दुकानदारों द्वारा पूंजी की मांग कम बढ़ेगी। कंपनी, जो दुकानदारों और व्यापारियों को डिजिटल भुगतान सॉल्यूशन सर्विस की पेशकश करती है, ने लगभग आठ महीने पहले लोन देने के कारोबार में कदम रखा था। इसने लॉकडाउन अवधि तक लगभग 140 करोड़ रुपये का लोन वितरण किया, जो मार्च के तीसरे सप्ताह में शुरू हुआ था।
लॉकडाउन में नहीं बढ़ी लोन की मांग
लॉकडाउन अवधि के दौरान लोन की मांग में कोई वृद्धि नहीं हुई है क्योंकि भारतपे का इस्तेमाल करने वाले केवल 20 प्रतिशत दुकानदार ही कारोबार जारी रखे हुए थे। हालांकि कंपनी के सीईओ का मानना है कि इन्वेंट्री और किराये के भुगतान के लिए स्टॉकिंग कैपिटल जैसी वर्किंग कैपिटल की जरूरत बढ़ेगी, क्योंकि सोमवार से लॉकडाउन में राहत दी गई है। इसीलिए ही उन्होंने कहा कि हमने पिछले महीनों में जितना कारोबार किया है हम उसका 5 गुना कारोबार कर सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने अब तक 140 करोड़ रुपये को लोन वितरण के मुकाबले अगले 5 महीनों में आसानी से 700 करोड़ रुपये तक का लोन देने की उम्मीज जताई है।
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