भारत भर के नौकरीपेशा लोगों के पास इस हफ्ते ऑफिस के पेरोल डिपार्टमेंट से जरूरी ईमेल आ रहे हैं। फाइनेंस विभाग आपसे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी पसंद का टैक्स रिजीम चुनने को कह रहा है। आपका यह फैसला सीधे तौर पर आपकी मंथली इन-हैंड सैलरी और कुल टैक्स देनदारी पर असर डालेगा। सही विकल्प चुनकर आप अपनी सैलरी से होने वाली भारी टैक्स कटौती को रोक सकते हैं। अपनी कमाई सुरक्षित रखने के लिए डेडलाइन खत्म होने से पहले यह काम जरूर निपटा लें।
आमतौर पर सरकार ने अब न्यू टैक्स रिजीम को 'डिफ़ॉल्ट' विकल्प बना दिया है। अगर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Regime) का लाभ उठाना चाहते हैं और टैक्स डिडक्शन क्लेम करना चाहते हैं, तो आपको इसे खुद चुनना होगा। इसमें लाइफ इंश्योरेंस के लिए सेक्शन 80C और मेडिकल प्रीमियम के लिए 80D जैसे सामान्य डिडक्शन शामिल हैं। इसके अलावा, कई कर्मचारी टैक्स बचाने के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) या होम लोन के ब्याज पर भी छूट का दावा करते हैं। अपनी टीम को फाइनल डिक्लेरेशन देने से पहले अपने निवेश का अच्छी तरह विश्लेषण कर लें।

वित्त वर्ष 2026-27: अपने लिए कैसे चुनें सबसे बेस्ट टैक्स रिजीम?
एक आसान थ्री-स्टेप प्रोसेस के जरिए आप तय कर सकते हैं कि आपके लिए कौन सा रास्ता बेहतर है। सबसे पहले अपनी कुल सालाना आय की गणना करें और HRA जैसे सभी डिडक्शन को जोड़ लें। इसके बाद, ऑनलाइन कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर दोनों रिजीम के तहत अपने टैक्स की तुलना करें। सामान्य तौर पर, अगर आपका कुल डिडक्शन 4 लाख रुपये से ज्यादा है, तो ओल्ड रिजीम आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे साल भर आपकी मंथली सैलरी में कैश फ्लो बना रहेगा।
| सालाना आय | न्यू टैक्स रिजीम | ओल्ड टैक्स रिजीम |
|---|---|---|
| 5 लाख | जीरो टैक्स | जीरो टैक्स |
| 10 लाख | कम टैक्स देनदारी | ज्यादा टैक्स देनदारी |
| 20 लाख | मध्यम टैक्स | बिना डिडक्शन के ज्यादा टैक्स |
अगर आज पेरोल पोर्टल पर चुनाव करते समय आपसे कोई गलती हो जाए, तो चिंता न करें। अगले साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय आपके पास रिजीम बदलने का मौका होगा। हालांकि, अभी सही चुनाव करने का फायदा यह है कि कंपनी आपकी सैलरी से हर महीने ज्यादा टैक्स नहीं काटेगी। इससे आपके पास रोजमर्रा के खर्चों और बचत के लिए पर्याप्त पैसा बचेगा। साथ ही, भविष्य में विभाग द्वारा वेरिफिकेशन के लिए अपने निवेश के सबूत (Investment Proofs) हमेशा तैयार रखें।
भारत में हर नौकरीपेशा प्रोफेशनल के लिए टैक्स कानूनों से अपडेट रहना बेहद जरूरी है। अपने फाइनेंशियल प्लान की समीक्षा करें और वही रिजीम चुनें जो आपकी लाइफस्टाइल और जरूरतों के हिसाब से सही हो। आज लिया गया आपका एक फैसला पूरे साल आपकी आर्थिक स्थिति और लचीलेपन को तय करेगा। भविष्य में टैक्स की टेंशन से बचने के लिए आज ही अपनी कैलकुलेशन शुरू कर दें।


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