कोरोना महामारी के कारण दुनिया ठहर सी गई है। कोरोना की वजह से देश की अर्थव्यवस्था दशकों पीछे चली गई है। जीडीपी ग्रोथ में भी गिरावट देखने को मिल रही है।
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के कारण दुनिया ठहर सी गई है। कोरोना की वजह से देश की अर्थव्यवस्था दशकों पीछे चली गई है। जीडीपी ग्रोथ में भी गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में कोई भी सेक्टर या इंडस्ट्री सुरक्षित नहीं है। लॉकडाउन का तमाम सेक्टरों पर असर पड़ा है। सैलरी में कटौती और छंटनी की खबरें आने लगी हैं। इन दिनों लॉकडाउन ने विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी के नुकसान, वेतन में कटौती और भविष्य में नकदी प्रवाह को लेकर कई अनिश्चितताएं खड़ी की हैं। जबकि दुनिया भर के शेयर बाजार अस्थिर बने हुए हैं, निवेशक अपनी पूंजी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अनिश्चित भविष्य और नौकरी या आय खोने के खतरे ने निवेशकों को चिड़चिड़ा बना दिया है। इतना ही नहीं कई लोग ये सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि उन्हें अपने निवेश को पूरी तरह से रोक देना चाहिए। इस हालात में लोगों को नौकरी जाने का डर सता रहा है तो अगर इन चुनौतीपूर्ण समय में अगर आप भी यह सोच रहे हैं कि आपको अपने म्यूचुअल फंड की एसआईपी रोक देनी चाहिए या रद करना चाहिए तो कुछ जरूरी बातें हैं जिनपर गौर कर लें।
जान लें एसआईपी कैसे करता है काम
- एसआईपी के जरिये आप हर महीने अपनी पसंद के म्यूचुअल फंड में एक निश्चित राशी निवेश करते हैं।
- एसआईपी वेतनभोगी व्यक्तियों के बीच नियमित आय के साथ लोकप्रिय हैं, क्योंकि वेतनभोगी हर महीने एक व्यवस्थित, अनुशासित तरीके से छोटी राशि का निवेश कर सकते हैं।
- एसआईपी लॉन्ग-टर्म कंपाउंडिंग के लाभ के साथ लॉन्ग-टर्म में वेल्थ बनाने के लिए जरूरी है।
- यह आपको बाजार के झटके से उबरने और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न प्राप्त करने में भी मदद करता है।
एसआईपी दीर्घकालिक दृष्टिकोण से काफी अच्छा
इस बात का आपको ध्यान देना होगा कि क्या आपको उपरोक्त हालातों में निवेश जारी रखना चाहिए। लेकिन आपको ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है जहां आपको आवश्यक भुगतान जैसे कि होम लोन ईएमआई, या अपने स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करने या अपने एसआईपी जारी रखने के बीच निर्णय लेना पड़े। आपको इस तरीके से उन्हें प्राथमिकता देनी चाहिए।
सबसे पहली बात कि स्वास्थ्य और टर्म इंश्योरेंस का भुगतान जारी रखें, क्योंकि महामारी के दौरान कवरेज करना महत्वपूर्ण है। बीमा को हर कीमत पर प्राथमिकता दें। जबकि वहीं दूसरी बात यह कि अपनी ईएमआई का भुगतान करें और यदि आप नहीं कर सकते हैं, तो मोरैटोरियम का इस्तेमाल करें। इस बात से आपको अबगत करा दें कि इसे 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इन छह महीनों के दौरान, आप अपना बकाया भुगतान न करके जुर्माना और क्रेडिट स्कोर के नुकसान से बच सकते हैं। यदि आपके पास स्थिर आय है और निवेश जारी रखने की क्षमता है, तो अपने एसआईपी जारी रखें। यह दीर्घकालिक दृष्टिकोण से अच्छा है।
बाजार में रिकवरी आने की उम्मीद
यदि आप आय में स्थिरता रखते हैं और आपको निवेश पर अल्पकालिक नुकसान उठाना पड़ा है तो निवेश जारी रखना विशेष रूप से बुद्धिमानी होगी। आपको अपने एसआईपी को रोककर सस्ती इकाइयों को खरीदने का मौका नहीं छोड़ना चाहिए। इसलिए, यह आपके दीर्घकालिक रिटर्न को सुधारने और हाल के महीनों में आपको हुए नुकसान को कम करने का एक अवसर होगा। अंत में आप अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं को खोजें। जानकारों की मानें तो अचानक से एसआईपी बंद करने का फैसला करना चाहिए। वैसे भी लॉकडाउन का लंबा समय निकल चुका है। आने वाले दिनों में बाजार में रिकवरी आने की उम्मीद है।


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