Air Travel Insurance Tips: अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद हवाई यात्रा की सुरक्षा और यात्रियों के लिए बीमा (Travel Insurance) को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ गई हैं. इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को देखते हुए ट्रैवल बीमा अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन गया है. कई लोग यह सवाल कर रहे हैं कि क्या बीमा अनिवार्य किया जाना चाहिए. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब यात्रियों को बीमा को गंभीरता से लेना चाहिए. उन्हें सरकारी नियमों का इंतजार करने के बजाय खुद से उचित कवरेज प्राप्त करने की पहल करनी चाहिए.
फ्लाइट दुर्घटना बीमा: मुश्किल समय में मददगार
फ्लाइट दुर्घटना बीमा एक प्रकार का बीमा है जो हवाई यात्रा के दौरान दुर्घटना होने पर यात्री या उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करता है. यह मृत्यु, गंभीर चोट या विकलांगता जैसी स्थितियों को कवर करता है. फ्लाइट दुर्घटना बीमा बहुत महंगा नहीं होता है. इसकी कीमत 10 रुपए से लेकर 500 रुपए प्रति दिन तक हो सकती है. हालांकि, यह ट्रैवल की दूरी, डेस्टिनेशन और बीमा कवर पर निर्भर करता है.

यात्रा से पहले बीमा खरीदना क्यों जरूरी है?
यात्रा करने से पहले ही ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद लेनी चाहिए. यात्री इसमें यात्रा की योजना रद्द होने से लेकर वीजा शुल्क वापसी जैसे लाभ भी शामिल कर सकते हैं, जो आमतौर पर अंतिम समय में बीमा खरीदने पर उपलब्ध नहीं होते हैं. ट्रैवल इंश्योरेंस केवल एक देश के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए भी हो सकता है. उदाहरण के लिए अगर आप दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे क्षेत्र के लिए पॉलिसी खरीदते हैं, तो यह थाईलैंड, बाली और आसपास के अन्य देशों जैसे कई गंतव्यों को कवर करेगा.
बीमा: एक आर्थिक सुरक्षा कवच
हाल ही में हुई एयर इंडिया की दुर्घटना जैसे हादसे अप्रत्याशित होते हैं. ऐसे में बीमा यात्रियों और उनके परिवारों के लिए एक आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है. यह बीमा संकट के समय में वित्तीय सहायता प्रदान करता है. अगर आप हवाई यात्रा करते हैं, तो फ्लाइट दुर्घटना बीमा जरूर लें. यह छोटा निवेश बड़ी सुरक्षा दे सकता है. खासकर जब अनहोनी कभी भी हो सकती है.
अब तक का सबसे महंगा क्लेम
अहमदाबाद में हुआ विमान हादसा भारत का अब तक का सबसे महंगा विमान हादसा हो सकता है. इस विमान हादसे में लगभग 1500 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का अनुमान है. टाटा एआईजी (Tata AIG) इस बीमा पॉलिसी की मुख्य कंपनी थी. न्यू इंडिया एश्योरेंस (New India Assurance) जैसी अन्य कंपनियों ने भी इसमें भाग लिया था. इस विमान का बीमा लंदन के बाजार में करवाया गया था, जिसे ग्लोबल रीइंश्योरेंस प्रोग्राम कहा जाता है. इसमें ज्यादातर जोखिम विदेशी बीमा कंपनियों को दिया जाता है.


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