Aadhaar Pan Linking Process: सरकार ने पैन और आधार लिंकिंग को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। UIDAI ने साफ कर दिया है कि अगर आपने 31 दिसंबर 2025 तक अपना पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं किया, तो 1 जनवरी 2026 से आपका पैन कार्ड डिएक्टिव (Inactive) हो जाएगा। इसका असर सीधा आपके टैक्स रिटर्न, बैंकिंग लेनदेन और फाइनेंशियल सर्विसेज पर पड़ेगा। यानी पैन कार्ड बंद होते ही आप इनकम टैक्स फाइलिंग, निवेश, लोन आवेदन जैसे जरूरी काम नहीं कर पाएंगे।

क्यों जरूरी है पैन और आधार को लिंक करना
पैन और आधार को लिंक करने का उद्देश्य वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता लाना है। सरकार चाहती है कि एक व्यक्ति के पास एक ही पहचान रहे और फर्जी पैन कार्ड या टैक्स चोरी पर रोक लग सके। यही कारण है कि यह प्रक्रिया अब सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य कर दी गई है।
अगर कोई व्यक्ति पैन और आधार को समय पर लिंक नहीं करता, तो उसकी पहचान सरकारी रिकॉर्ड में अधूरी मानी जाएगी और इससे बैंकिंग व टैक्स सिस्टम में बाधा आ सकती है।
UIDAI ने जारी किए नए नियम
नवंबर 2025 से UIDAI ने आधार अपडेट से जुड़े नए नियम लागू किए हैं। अब आप घर बैठे ही myAadhaar पोर्टल के जरिए नाम, जन्मतिथि, पता और मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं। इसके लिए किसी केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपको फोटो, फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन बदलना है, तो नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाना अनिवार्य है।
जानिए कितना लगेगा चार्ज
UIDAI ने अपडेट के लिए फिक्स चार्ज तय किया है:
नाम, पता, जन्मतिथि जैसी डिटेल बदलने पर ₹75 चार्ज।
बायोमेट्रिक अपडेट के लिए ₹125 चार्ज।
ऑनलाइन डॉक्यूमेंट अपडेट 14 जून 2026 तक फ्री रहेगा।
बच्चों के लिए 5 से 7 और 15 से 17 साल की उम्र में बायोमेट्रिक अपडेट पूरी तरह फ्री रहेगा।
Aadhaar और PAN लिंक करने का तरीका
सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं https://eportal.incometax.gov.in
होमपेज पर "Link Aadhaar" ऑप्शन पर क्लिक करें।
अपना 10 अंकों का PAN और 12 अंकों का Aadhaar नंबर दर्ज करें।
दिए गए निर्देशों का पालन करें, पेमेंट करें और सबमिट पर क्लिक करें।
सिस्टम स्वतः आपके पैन और आधार को लिंक कर देगा।
स्टेटस जांचने के लिए वेबसाइट पर "Link Aadhaar Status" पर जाकर अपना पैन और आधार नंबर डालें।
लिंक न करने के नुकसान
अगर आपने तय समय तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की तो आपका पैन कार्ड डिएक्टिव हो जाएगा। टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे। बैंक खाते और निवेश योजनाएं अटक सकती हैं। फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर रोक लग सकती है।
सरकार का मकसद
सरकार की मंशा है कि देश में सभी वित्तीय पहचानें एकसमान हों और डिजिटल लेनदेन में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। UIDAI का कहना है कि लोगों को इस प्रक्रिया को समय रहते पूरा कर लेना चाहिए ताकि आगे किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।


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