नयी दिल्ली। जीवन में कभी भी किसी जरूरत के चलते लोन की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में आपको पहले से लोन लेने का प्रोसेस और नियमों का पता होना जरूरी है। ऐसे समय पर्सनल लोन का विकल्प काफी आसान रहता है। पर्सनल लोन कई कारणों से बेहतर है। हालांकि इस पर ब्याज की दर अधिक हो सकती है। वैसे पर्सनल लोन के बारे में बहुत सारे मिथ्य यानी झूठ बातें भी कही जाती हैं, जिनका सच से कोई ताल्लुक नहीं है। आइये नजर डालते हैं पर्सनल लोन के बारे में बोले जाने वाले ऐसे 6 गलत तथ्यों के बारे में।
पर्सनल लोन लेने में लगता है ज्यादा समय?
लोन लेने वाले यह मानते हुए पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से बचते हैं कि इसमें बाकी लोन के मुकाबले ज्यादा समय लगता और इसमें जटिल प्रक्रिया शामिल है। लेकिन सिक्योरिटी की आवश्यकता के बिना अनसिक्योर्ड होने के कारण पर्सनल आमतौर पर लोन दस्तावेज जमा करने के 2-7 कार्य दिवसों के भीतर मिल जाता है और वो भी न्यूनतम कागजी कार्यवाही के साथ। बल्कि कुछ जगह तो आपको आवेदन वाले दिन लोन मिल जाएगा।
कम क्रेडिट स्कोर पर नहीं मिलेगा लोन?
लोन के समय क्रेडिट स्कोर बहुत महत्वपूर्ण कारक है। मगर इसका मतलब यह नहीं है कि आपको कम क्रेडिट स्कोर पर लोन के लिए मना कर दिया जाएगा। लोन देने वाला बैंक या कंपनी आपको किसी अन्य आधार पर पर्सनल लोन दे सकता है, जिनमें डिस्पोजेबल आय, जॉब प्रोफाइल, एम्प्लोयर प्रोफाइल और आपकी प्रोफाइल शामिल है। मगर ध्यान रहे कि कम क्रेडिट स्कोर पर ब्याज दर अधिक हो सकती है।
सिर्फ बैंक ही पर्सनल लोन देते हैं?
लोन लेने वालों को लगता है कि केवल बैंक ही पर्सनल लोन देते हैं। इसके चलते वे एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी) या नए युग के डिजिटल ऋणदाताओं पर विचार नहीं करते। हालांकि एनबीएफसी और डिजिटल ऋणदाता आम तौर पर उच्च ब्याज दर पर लोन देते हैं। मगर बैंक के मुकाबले उनकी लोन पात्रता और प्रोसेस आसान होती है।
पर्सनल लोन की ब्याज दर अधिक होती है?
पर्सनल लोन को अक्सर महंगा लोन विकल्प माना जाता है। हालांकि, यह खराब क्रेडिट प्रोफाइल वाले लोगों के मामले में सच है। कुछ ऋणदाता 10.5 फीसदी ब्याज दर तक पर पर्सनल लोन देते हैं। वैसे क्रेडिट कार्ड पर लोन और क्रेडिट कार्ड ईएमआई पर पर्सनल लोन की तुलना में ब्याज दर अधिक होती है। अच्छी प्रोफाइल पर पर्सनल लोन कुछ कम दर भी मिल सकता है।
पहले लोन ले रखा है तो पर्सनल लोन नहीं मिलेगा?
ये भी सच नहीं है। क्योंकि बैंक और एनबीएफसी ऋण आवेदन का मूल्यांकन करते समय एक आपकी लोन चुकाने की क्षमता पर विचार करते हैं। आमतौर पर कर्जदाता 60 फीसदी तक ईएमआई/आय रेशियो वाले लोगों को लोन देना पसंद करते हैं। इस तरह आप नया लोन ले सकते हैं, बशर्ते आप कर्जदाता के पात्रता मापदंड पर खरा उतरें।
सभी पर्सनल लोन पर प्रीपेमेंट (समय से पहले लोन चुकाना) चार्ज होता है?
निश्चित ब्याज दरों पर पर्सनल लोन देने वाले बैंक और एनबीएफसी प्रीपेमेंट चार्ज ले सकते हैं। मगर ऐसे ऋणदाता भी हैं जो पूर्व निर्धारित दरों पर लोन देने के बावजूद प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लेते। याद रखें कि कुछ ऋणदाता ऐसे हैं जो पर्सनल लोन के समय से पहले चुकाने की अनुमति नहीं देते हैं। मगर कुछ ऐसे हैं जो निश्चित संख्या में ईएमआई चुकाने पर आपको लोन के प्रीपेमेंट की सुविधा देते हैं।
More From GoodReturns

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?

Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis



Click it and Unblock the Notifications