नई दिल्ली, सितंबर 16। हम सबका सपना होता है कि अपना एक घर हो और सभी इसके लिए मेहनत भी करते हैं, लेकिन एक नया घर खरीदने के लिए हमेशा ही बड़ी राशि की आवश्यकता होती है। इसलिए हममें से अधिकतर लोग घर खरीदने के लिए वित्तीय सहायता यानी की होम लोन पर निर्भर रहते हैं। होम लोन की मदद से हम अपने घर का सपना तब भी साकार करते हैं जब हमारे पास नए घर के वैल्यू से कम पैसा होता है। होम लोन के माध्यम से घर खरीदने का फायदा है कि यह टैक्स सेविंग बेनेफिट्स भी दिलाता है। अगर आप हाल फिलहाल होम लोन के माध्यम से घर खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको इन पांच बातों के विषय में जरूर पता होना चाहिए, चलिए जानते हैं।
सिबिल स्कोर पर रखे नजर
किसी भी प्रकार के लोने के लिए सीबील स्कोर का अच्छा होना एक प्लस प्वाइंट है। अगर व्यक्ति का सीबील स्कोर 750 से अधिक है तो वह सर्वोत्म कैटरगी में है। यह व्यक्ति के होम लोन पास होने के संभावना को बढ़ा देगा। सीबील स्कोर ब्याज दर और उधार के राशि पर भी प्रभाव डालते हैं। अगर आप होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं तो आपकों जल्द ही सयम पर अपने सभी कर्ज का भुगतान करके इस को ठीक कर लेना चाहिए।
दस्तावेजों की रखें जानकारी
होम लोन के लिए आवेदन करते समय आपको आय प्रमाण पत्र, अपना बैंक स्टेटमेंट और संपत्ति के दस्तावेजों सहित अन्य दस्तावेजों को जमा करना होता है। इन सभी डॉक्यूमेंट के आधार पर बैंक या वित्तीय एजेंसी लोन के राशि की मंजूरी देती है। हालांकि, लोन देने से पहले बैंक आपके द्वारा दी गई जानकारी की पूरी जांच करता है।
ईएमआई को भरने का प्लान
आदमी के जिंदगी में अचानक कोई ना कोई बाधाएं जरूर आती है। यह बाधाएं किसी भी कारण से हो सकती हैं, बाजार की अस्थिरता, बीमारी या किसी अन्य मुद्दे के कारण वित्तीय हालात खराब हो सकती है। यह स्थिती आपके होम लोन के ईएमआई को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए लोन चुकाने के लिए एक प्लान का होना बहुत आवश्यक है। आपकों हमेशा एक बी प्लान की आवश्यकता होती है जिसकी मदद से आप अपने नुकसान को रोक सकते हैं। आपको हमेशा अपने 3 से 6 महीने की ईएमआई एडवांस में रिजर्व रख लेनी चाहिए।
डॉउन पेमेंट
कोई भी बैंक घर के मूल्य के बराबर होम लोन उपलब्ध नहीं कराती है। संपत्ती की कुल राशि का कुछ हिस्सा ही आपको होम लोन के तौर पर मिलता है। सभी होम लोन देने वाले संस्थान सामान्य रुप से व्यक्ति की योग्यता और अन्य पहलुओं के आधार पर 75 से 90 प्रतिशत तक का लोन देती है। बाकि राशि का भुगतान खरीददार को डॉउन पेमेंट के रुप में करना होता है। अगर आप घर खरीदते समय ज्यादा अमाउंट डॉउन पेमेंट के तौर पर जमा करते हैं तो आप ब्याज की राशि बचत करते हैं।
More From GoodReturns

अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका



Click it and Unblock the Notifications