नई दिल्ली, 5 दिसंबर। इस समय भारत में लगभग 7 करोड़ क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे हैं। लेटेस्ट आंकड़ों से पता चलता है कि अकेले सितंबर के महीने में ही 11 लाख नए क्रेडिट कार्ड शामिल हुए और कुल कार्ड्स से 80,000 करोड़ रु खर्च किए गए। क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में तेजी से वृद्धि हो रही है। मगर इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड लेनदेन में धोखाधड़ी के मामले भी बढ़े हैं। आरबीआई ने ऐसे मामलों में कमी लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। यहां 5 सेफ्टी टिप्स दी गई हैं जिन्हें अपना कर आप क्रेडिट कार्ड के उपयोग को सेफ बना सकते हैं।
क्रेडिट लिमिट तय करें
जरूरी नहीं कि आप बैंक द्वारा मिलने वाली पूरी क्रेडिट लिमिट का उपयोग करें। यदि आपकी क्रेडिट लिमिट 1 लाख रु है, मगर आप इतने पैसे खर्च नहीं करते तो आप कम लिमिट सेट करवा सकते हैं। इससे होगा यह कि इस राशि से ऊपर की कोई भी एक्टिविटी ऑटोमैटिक ब्लॉक हो जाएगी। फिर आप जब चाहे तो एक क्लिक से फिर से अपने कार्ड की सीमा बढ़ा सकते हैं।
ट्रांजेक्शनल लिमिट तय करें
आप अपने कार्ड पर लेनदेन का मैनेजमेंट और कंट्रोल भी कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड धारक जरूरत के अनुसार पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) पर लेन-देन की सीमा तय कर सकता है। यदि आप सामान्य रूप से 1000 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए कार्ड का उपयोग नहीं करते हैं तो आप इतनी ही लिमिट तय कर सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि एक बार में आपके कार्ड से 10,000 रु से अधिक की लेन-देन नहीं होगी। आप ऐसी लिमिट डेली खर्च के लिए भी लगा सकते हैं।
कॉन्टैक्टलेस ट्रांजेक्शन को डीएक्टिवेट करें
अधिकतर क्रेडिट कार्ड पर अब कॉन्टैक्टलेस लेन-देन की सुविधा मिल रही है। इसके लिए आपको भुगतान करने के लिए सिर्फ टैप करना होता है। यह सुविधा 5000 रुपये से कम के लेनदेन को बिना पिन डाले प्रोसेस करने में सक्षम बनाती है। यदि आपका कार्ड किसी गलत हाथ में पड़ जाए तो यह कई बार खतरनाक हो सकता है। आप कॉन्टैक्टलेस ट्रांजेक्शन सुविधा को बंद करके या इसकी लिमिट को और भी कम करके इस समस्या से बच सकते हैं।
इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन को बंद करें
यदि आप विदेश यात्रा नहीं कर रहे हैं तो आप अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को बंद करने का विकल्प चुन सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इसे फिर से चालू कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स या ऑनलाइन लेनदेन को सीमित या निष्क्रिय करना अच्छा होगा क्योंकि अधिकांश अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन लेनदेन आमतौर पर ओटीपी के बिना प्रोसेस होती हैं।
कैश के लिए एटीएम लेनदेन मैनेज करें
क्रेडिट कार्ड पर कैश निकालने की सुविधा भी उपलब्ध है। मगर जिस दिन आप कैश निकालते हैं उसी दिन से इस पर ब्याज की गणना की जाती है। एक्सपर्ट्स की तरफ से यह सलाह दी जाती है कि जब तक आप किसी इमरजेंसी में न हों, कैश विदड्रॉल के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग न करें। क्रेडिट कार्ड पर कैश लेनदेन को रोकना एक अच्छा फैसला है। आपात स्थिति में, आप हमेशा कैश निकालने की गतिविधि को एक्टिव कर सकते हैं।


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