आपका भी अगर चेक बाउंस हुआ है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। कई बार ऐसा होता है कि आप किसी के नाम से कोई चेक दें, और किसी वजह से वह चेक बाउंस हो जाए।
नई दिल्ली: आपका भी अगर चेक बाउंस हुआ है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। कई बार ऐसा होता है कि आप किसी के नाम से कोई चेक दें, और किसी वजह से वह चेक बाउंस हो जाए। चेक बाउंस होने पर लोग परेशान होने लगते हैं। वहीं चेक बाउंस होने की स्थिति में ज्यादातर बैंक अपने ग्राहक से चेक बाउंस चार्ज लेते हैं। ये चार्ज बैंकों के अनुसार अलग-अलग है। भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के चेक बाउंस चार्ज कई बातों पर निर्भर करते हैं। इसमें चेक बाउंस होने का कारण शामिल है। एसबीआई, आईसीआईआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के चेक बाउंस चार्ज पर जीएसटी भी लगता है।

अगर खाते में अपर्याप्त फंड या हस्ताक्षर नहीं मिलने के चलते चेक बाउंस हुआ है तो डिफाल्टर और प्राप्तकर्ता दोनों से उनका बैंक चार्ज काटेगा। हालांकि, बाउंस चेक फिर से जमा किया जा सकता है।
जानें एचडीएफसी बैंक कितना वसूल करते चेक बाउंस चार्ज
बता दें कि एचडीएफसी बैंक में अपर्याप्त फंड के चलते एक तिमाही में पहली बार चेक वापस होने पर 350 रुपये और उसके बाद 750 रुपये चार्ज लगता है। वहीं तकनीकी कारण से चेक बाउंस होने पर 50 रुपये चार्ज देना होगा।
एसबीआई में चेक बाउंस चार्ज
देखा जाए तो एसबीआई में चेक बाउंस चार्ज आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के मुकाबले कम है। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार अगर आपने एसबीआई के अकाउंट में कोई चेक जमा किया है और उसे जारी करने वाले बैंक ने बिना भुगतान किए लौटा दिया तो 1 लाख रुपये तक के चेक पर 150 रुपये चार्ज लिया जाएगा। एक लाख रुपये से अधिक के चेक पर 250 रुपये चार्ज होगा। इस पर जीएसटी अलग से देना होगा। वहीं अगर अपर्याप्त फंड के चलते चेक बाउंस हुआ है तो 500 रुपये चार्ज देना होगा। अगर किसी अन्य तकनीकी कारण से चेक बाउंस हुआ है तो चार्ज 150 रुपये होगा।
जानें क्या है आईसीआईसीआई बैंक में चेक बाउंस चार्ज
आईसीआईसीआई बैंक में लोकल चेक डिपॉजिट की स्थिति में वित्तीय कारणों से चेक बाउंस होने पर 100 रुपये का चार्ज लगेगा। गैर-वित्तीय कारणों से महीने में पहली बार चेक रिटर्न होने पर 350 रुपये और उसके बाद 750 रुपये चार्ज देना होगा। आउट स्टेशन चेक बाउंस होने पर 150 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
ध्यान दें चेक में पूरी डिटेल भरें
चेक भरते समय शब्दों व फिगर्स के बीच ज़्यादा स्पेस न दें। ज़्यादा स्पेस देने से नाम और अमाउंट में छेड़छाड़ की गुंजाइश हो सकती है। अधिकतर लोग चेक पर रक़म लिखने के बाद ( /) का साइन करना भूल जाते हैं, जिसका ख़ामियाजा उन्हें बाद में उठाना पड़ता है। चेक में अंकों में रक़म लिखने के बाद ( /) का साइन बनाना बहुत ज़रूरी होता है। वहीं शब्दों में लिखने के बाद ओनली (only) लिखें। इस ( /) संकेत का अर्थ है कि आपने जिस राशि का चेक काटा है, वह उसी तक सीमित है। इस साइन को न डालने पर कोई भी व्यक्ति रक़म की राशि को आसानी से बढ़ा सकता है।
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