मोदी सरकार पिछले ही साल आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी। मोदी सरकार की ओर से शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना हेल्थ सेक्टर में एक बड़ा कदम साबित हुई।
नई दिल्ली: मोदी सरकार पिछले ही साल आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी। मोदी सरकार की ओर से शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना हेल्थ सेक्टर में एक बड़ा कदम साबित हुई। या यूं कहें कि सरकार की सफल योजनाओं की जब भी बात होती है तो ''आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य'' का जिक्र जरूर होता है। इसके तहत मोदी सरकार ने देश के करीब 50 करोड़ लोगों को 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया।
ईएसआई अस्पताल की स्थापना करेगी सरकार
अब मोदी सरकार आयुष्मान भारत के बाद हेल्थ सेक्टर में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसका फायदा करोड़ों कामगारों को मिलने की उम्मीद है। दरअसल केंद्र सरकार देश के हर जिले में ईएसआई अस्पताल की स्थापना करेगी। मोदी सरकार ने देश भर के कामगारों को सस्ता इलाज देने के लिए ये फैसला किया है। इस बात की जानकारी मंगलवार को मोदी सरकार में श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने दी है।
देश भर में 450 ईएसआई अस्पताल
बता दें उन्होंने पूर्वी राज्यों के श्रम मंत्रियों और प्रधान सचिवों की एक बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उनका कहना है कि हर 20,000 कर्मचारियों के लिए 30 बेड का अस्पताल मौजूद होगा। गंगवार के मुताबिक अभी देश भर में 450 ईएसआई अस्पताल हैं और हर जिले में इस अस्पताल को पहुंचाने के लिए तमाम जरूरी कदम उठाए जाएंगे। वहीं गंगवार ने इस बात से भी रुबरु कराया कि जिन क्षेत्रों में 50,000 या उससे ज्यादा कामगार मौजूद हैं, वहां 100 बेड वाले अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।
अस्पतालों में डॉक्टरों और पेरामेडिकल स्टाफ की कोई कमी नहीं होगी
वहीं संतोष गंगवार ने ये भी कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानी ईएसआईसी कामगारों के कल्याण के लिए पूरी तरह काम कर रहा है और उसके लिए वह हर जरूरी कदम उठाएगा। उनका कहना है कि मोदी सरकार इस बात को सुनिश्चित करेगी कि ईएसआई अस्पतालों में डॉक्टरों और पेरामेडिकल स्टाफ की कोई कमी न हो। इसके साथ ही इन अस्पतालों में हर मॉडर्न मेडिकल उपकरण मौजूद हो, इस बात की भी पुष्टि की जाएगी। वहीं दूसरी ओर बता दें कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानी ईएसआईसी की स्थापना संसद से पारित कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के तहत की गई थी। इसकी स्थापना भारत में कामगारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए की गई थी। यह श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन आता है। इसके अंदर वो कर्मचारी आते हैं जिनकी आमदनी 21,000 रुपये प्रति महीने तक है। इसके तहत उन्हें स्वास्थ्य बीमा और दूसरे कई फायदे भी मिलते हैं।


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