आपका भी खाता अगर एसबीआई में है तो आपके लिए अच्छी खबर है। अब आपको अचानक आई एमर्जेंसी में अगर ज्यादा पैसों की ज़रूरत पड़े तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है।
नई दिल्ली: आपका भी खाता अगर एसबीआई में है तो आपके लिए अच्छी खबर है। अब आपको अचानक आई एमर्जेंसी में अगर ज्यादा पैसों की ज़रूरत पड़े तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। क्योंकि एसबीआई बैंक खाते में बैलेंस से ज्यादा पैसे निकालने की सुविधा देता है। जी हां बैंक ग्राहकों को खाते में बैलेंस से ज्यादा पैसे निकालने की सुविधा देता है। बता दें कि बैंक यह सुविधा ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी के तौर पर देता है। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी के जरिये आप पैसा निकाल सकते है, यहां तक कि कब-कब बैंक यह सुविधा देता है इस बात से भी हम आपको रूबरू कराएंगे। 1 अक्टूबर से एसबीआई ग्राहकों को मुफ्त मे मिल सकती हैं ये चीजें ये भी पढ़ें
जानें क्या है ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी?
ध्यान दें कि ओवरड्राफ्ट एक तरह का लोन होता है। इसके चलते कस्टमर्स अपने बैंक अकाउंट से मौजूदा बैलेंस से ज्यादा पैसे विदड्रॉ कर सकते हैं। इस अतिरिक्त पैसे को एक निश्चित अवधि के अंदर चुकाना होता है और इस पर ब्याज भी लगता है। ब्याज डेली बेसिस पर कैलकुलेट होता है। ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी कोई भी बैंक या नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) दे सकती है। जानकारी दें कि आपको मिलने वाले ओवरड्राफ्ट की लिमिट क्या रहेगी, यह बैंक या एनबीएफसी तय करेगी।
इस तरह आप कर सकते हैं अप्लाई
- बैंक अपने कुछ ग्राहकों को प्रीअप्रूव्ड ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी देते हैं।
- वहीं कुछ कस्टमर्स को इसके लिए अलग से मंजूरी लेनी होती है।
- इसके लिए लिखित में या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए अप्लाई करना होता है।
- जबकि कुछ बैंक इस सुविधा के लिए प्रोसेसिंग फीस भी वसूलते हैं।
- ओवरड्राफ्ट दो तरह के होते हैं-एक सिक्योर्ड, दूसरे अनसिक्योर्ड।
- बता दें कि सिक्योर्ड ओवरड्राफ्ट वह है, जिसके लिए सिक्योरिटी के तौर पर कुछ गिरवी रखा जाता है।
कब-कब हासिल कर सकते है ओवरड्राफ्ट
- आप एफडी, शेयर्स, घर, सैलरी, इंश्योरेंस पॉलिसी, बॉन्ड्स आदि जैसे चीजों पर ओवरड्राफ्ट हासिल कर सकते हैं।
- या यूं कहें कि इसे आसान भाषा में एफडी या शेयर्स पर लोन लेना भी कहते हैं।
- ऐसा करने पर ये चीजें एक तरह से बैंक या एनबीएफसी के पास गिरवी रहती हैं।
- वहीं दूसरी ओर अगर आपके पास कुछ भी सिक्योरिटी के तौर पर देने के लिए नहीं है तो भी आप ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी ले सकते हैं।
- इसे अनसिक्योर्ड ओवरड्राफ्ट कहते हैं। उदाहरण के तौर पर क्रेडिट कार्ड से विदड्रॉल।
जानें क्या मिलेगा फायदा
- आप इस बात से बखूबी अवगत है कि जब आप लोन लेते हैं तो उसे चुकाने के लिए एक अवधि तय होती है।
- अगर कोई लोन को अवधि से पहले चुका दे तो उसे प्रीपेमेंट चार्ज देना होता है लेकिन ओवरड्राफ्ट के साथ ऐसा नहीं है।
- वहीं आप तय अवधि से पहले भी बिना कोई चार्ज दिए पैसे चुका सकते हैं।
- इसके साथ इस पर ब्याज भी केवल उतने ही वक्त का देना होता है, जितने वक्त तक ओवरड्राफ्टेड अमाउंट आपके पास रहा।
- ध्यान दें कि ईएमआई में पैसे चुकाने की भी बाध्यता नहीं है।
- बता दें कि आप तय अवधि के अंदर कभी भी पैसे चुका सकते हैं। यही कारण है कि यह लोन लेने से ज्यादा सस्ता और आसान है।
- बता दें कि अगर आप ओवरड्राफ्ट नहीं चुका पाते हैं तो आपके द्वारा गिरवी रखी गई चीजों से इसकी भरपाई होगी।
- लेकिन अगर ओवरड्राफ्टेड अमाउंट गिरवी रखी गई चीजों की वैल्यु से ज्यादा है तो बाकी के पैसे आपको चुकाने होंगे।
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