अगर आप भी अकसर हवाई सफर करते हैं तो ये खबर जरुर पढ़ें। अब आप हवाई सफर के आधी कीमत में खास सुविधाओं के साथ ट्रेन से सफर कर सकते है।
नई दिल्ली: अगर आप भी अकसर हवाई सफर करते हैं तो ये खबर जरुर पढ़ें। अब आप हवाई सफर के आधी कीमत में खास सुविधाओं के साथ ट्रेन से सफर कर सकते है। यां यूं कहें कि ट्रेन से सफर करना अब हवाई जहाज से काफी सस्ता होगा। भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी द्वारा चलाई जाने वाली दो तेजस एक्सप्रेस ट्रेनों का किराया उसी रूट की उड़ानों से 50 फीसदी कम होगा। जानकारी के मुताबिक आईआरसीटीसी दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस और अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल तेजस एक्सप्रेस के किराए को तय करने के लिए फ्लेक्सिब्लिटी दिया गया है। आईआरसीटीसी: ये ट्रेन लेट हुई तो यात्रियों को मिलेगा मुआवजा ये भी पढ़ें
बता दें कि रेलवे सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी हैं कि "इन दोनों ट्रेनों का किराया एक ही रूट पर फ्लाइट टिकट की कीमत से लगभग 50 फीसदी कम होगा। वहीं पीक सीजन के दौरान भी डायनेमिक प्राइसिंग के बावजूद टिकट की कीमतें फ्लाइट्स से कम होंगी। डायनामिक फेयर पॉलिसी के तहत त्योहारी सीजन में हवाई किराए आसमान छूने लगते हैं ऐसे में तेजस का मकसद हवाई यात्रियों को रेल सफर के लिए आकर्षित करना है। आईआरसीटीसी अक्टूबर से दिल्ली से लखनऊ के बीच पहली तेजस ट्रेन का संचालन शुरू करने वाली है जबकि दूसरा एक महीने बाद शुरू होगा।
हवाई जहाज जैसी मिलती है सुविधाएं
- हवाई जहाज की तरह तेजस एक्सप्रेस की हर सीट पर एलईडी स्क्रीन लगी है। हर सीट पर अटेंडेंट बटन लगा है जिससे दबा कर आप अपनी सहायता के लिए अटेंडेंट को बुला सकते हैं।
- इस ट्रेन में एलईडी लाइट लगी हुई हैं। सिगरेट स्मोकिंग को डिटेक्ट करने के लिए ऑटो डिटेक्टर लगे हुए हैं। इस ट्रेन में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। हर सीट पर चार्जिंग और यूएसबी केवल लगे हुए हैं।
- ट्रेनों को इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) को सौंपा जाएगा। वह लीज शुल्क समेत इसके लिए वित्तीय कंपनी आईआरएफसी को भुगतान करेगी।
ये है रेलवे का नया प्लान
- तेजस ट्रेन में वीआईपी कोटा के तहत सांसद, विधायक, राज्यों के मंत्री, जनप्रतिनिधि, रेल अफसर और मीडियाकर्मियों को कंफर्म बर्थ नहीं दी जाएगी।
- ट्रेन में किसी भी वर्ग को किराए में रियायत नहीं मिलेगी।
- इस ट्रेन में 5-12 साल के बच्चे का पूरा किराया लगेगा।
- उम्मीद है कि दिल्ली-लखनऊ के बीच अक्टूबर माह में देश की पहली निजी तेजस ट्रेन दौड़ने लगेगी।
- रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इमरजेंसी कोटा के तहत यात्री ट्रेन राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, मेल-एक्सप्रेस आदि में वेटिंग टिकट के एवज में बर्थ उपलब्ध कराई जाती है।
- इसमें सांसद, विधायक आदि शामिल हैं लेकिन आईआरसीटीसी की मदद से चलाई जाने वाली देश की पहली निजी ट्रेन में वीआईपी कोटा का प्रावधान नहीं होगा।
- तेजस पहली ट्रेन होगी जिसमें आरएसी टिकट जारी नहीं किया जाएगा।
- वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग, गंभीर रोगी, पुरस्कार विजेता आदि किसी को भी रियायती टिकट नहीं दिए जाएंगे। ऐसे सभी यात्रियों को पूरा किराया देना होगा।
- तेजस में आम यात्री ट्रेन के कई नियमों को लागू नहीं किया जाएगा।
ट्रेनों में 25 फीसदी तक रियायत देने की तैयारी
वहीं दूसरी ओर ये भी बता दें कि रोडवेज और सस्ती एयरलाइंस से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे रेलवे ने अब शताब्दी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस और गतिमान एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में 25 फीसदी तक रियायत देने की तैयारी की है, जिससे इनमें टिकटों की बिक्री बढ़ सके। वहीं अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि यह रियायत वातानुकूलित कुर्सी यान, एक्जीक्यूटिव कुर्सी यान सीटों के आधार पर किराये में दी जायेगी तथा आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क और अन्य अलग से लगाये जायेंगे। वहीं जिन ट्रेनों में पिछले साल मासिक 50 फीसदी से कम टिकट बिकीं उनमें रियायत दी जायेगी।


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