आरबीआई: एटीएम से जुड़े न‍ियमों में एक और बदलाव, ग्राहकों को मिलेगा फायदा

एटीएम का इस्‍तेमाल करने वालों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने फ्री एटीएम ट्रांजेक्शन से जुड़े नियमों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है।

नई द‍िल्‍ली: एटीएम का इस्‍तेमाल करने वालों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने फ्री एटीएम ट्रांजेक्शन से जुड़े नियमों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। इसके तहत एटीएम से टैक्स भरने, फंड ट्रांसफर, बैलेंस चेक जैसे नॉन-कैश विदड्रॉल ट्रांजेक्शन कस्टमर्स के फ्री एटीएम ट्रांजेक्शन के तहत नहीं गिने जाएंगे। यानी एटीएम में इनका इस्तेमाल करने पर आपके फ्री ट्रांजेक्शन की संख्या नहीं घटेगी। जान लें कैश ट्रांजेक्शन के ये 7 नियम, वरना देना होगा जुर्माना ये भी पढ़ें

बैंकों की ओर से कस्टमर्स को कुछ एटीएम ट्रांजेक्शन फ्री म‍िलती

बैंकों की ओर से कस्टमर्स को कुछ एटीएम ट्रांजेक्शन फ्री म‍िलती

जानकारी देना चाहेंगे कि आरबीआई ने हाल ही में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, शहरी को-ऑपरेटिव बैंकों, स्टेट को-ऑपरेटिव बैंकों, जिला केन्द्रीय को-ऑपरेटिव बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों, पेमेंट बैंकों समेत सभी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटर्स को एक सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर में केन्द्रीय बैंक का कहना हैं क‍ि हमारे संज्ञान में आया है कि एटीएम में करेंसी न होने या तकनीकी कारणों आदि के चलते फेल होने वाले ट्रांजेक्शंस भी फ्री एटीएम ट्रांजैक्शंस में गिन लिए जाते हैं। दरअसल बैंकों की ओर से कस्टमर्स को कुछ एटीएम ट्रांजेक्शन फ्री होते हैं। उदाहरण के तौर पर एसबीआई सेविंग्स अकाउंट के लिए अन्य बैंकों के एटीएम से 5 ट्रांजेक्शन फ्री हैं। इसके बाद अन्य बैंक एटीएम से छठें ट्रांजेक्शन से एसबीआई कस्टमर्स से चार्ज वसूलता है।

आरबीआई का फरमान जानें आखिर क्‍या है

आरबीआई का फरमान जानें आखिर क्‍या है

बता दें कि आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ऐसे ट्रांजेक्शन जो तकनीकी कारणों जैसे हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, कम्युनिकेशन इश्यू आदि के चलते। एटीएम में नकदी न होने, बैंक/सर्विस प्रोवाइडर द्वारा ट्रांजेक्शंस से मना करने, इनवैलिड पिन/वैलिडेशन आदि के चलते फेल हो जाते हैं, उन्हें कस्टमर के वैलिड एटीएम ट्रांजेक्शंस में नहीं गिना जाएगा। यानी ऐसे ट्रांजेक्शंस पर कस्टमर्स के फ्री ट्रांजेक्शंस की संख्या नहीं घटेगी। इसके साथ ही उन्हें कोई चार्ज भी नहीं देना होगा।

वहीं आरबीआई ने सर्कुलर में इस बात की भी चर्चा की हैं कि नॉन कैश विद्ड्रॉल ट्रांजेक्शंस जैसे बैलेंस इन्क्वायरी, चेक बुक रिक्वेस्ट, टैक्स पेमेंट, फंड ट्रांसफर को भी फ्री एटीएम ट्रांजेक्शंस का हिस्सा नहीं माना जाएगा। यानी एटीएम में इस तरह के ट्रांजेक्शन करने पर भी कस्टमर्स के फ्री ट्रांजेक्शंस की संख्या प्रभावित नहीं होगी।

जान लें क्या हैं फ्री एटीएम ट्रांजैक्शंस के नियम

जान लें क्या हैं फ्री एटीएम ट्रांजैक्शंस के नियम

  • जानकारी दें कि आमतौर पर जिस बैंक का कार्ड है, उसी के एटीएम में महीने में अधिकतम 5 ट्रांजैक्शंस फ्री मिलते हैं। वहीं बात करें अन्य बैंक के एटीएम की तो महीने में अधिकतम 3 या 5 ट्रांजैक्शंस फ्री मिलते हैं।
  • आपको बता दें कि दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता जैसे मेट्रो शहरों में 3 ट्रांजैक्शंस ही फ्री मिलते हैं।
  • फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा नो-फ्रिल्स या छोटे बचत खातों पर लागू नहीं होती है।
  • फ्री लिमिट के बाद ट्रांजैक्शन चार्ज 20 रुपए लगते हैं। बैंक चाहें तो अधिक संख्या में फ्री ट्रांजैक्शन की पेशकश कर सकते हैं।

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