डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से खुदरा लेनदेन आसान बनाने के लिए रिजर्व बैंक की ओर से काफी अच्छी पहल की गयी है।
नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से खुदरा लेनदेन आसान बनाने के लिए रिजर्व बैंक की ओर से काफी अच्छी पहल की गयी है। जी हां भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही बैंक ग्राहकों के लिए चौबीसों घंटे नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) उपलब्ध कराएगा। आरबीआई ने एनईएफटी को आगामी दिसंबर से 24 घंटे जारी रखने का फैसला किया है। जानकारी दें कि वर्तमान में, यह सुविधा ग्राहकों को केवल सुबह 8 से शाम 7 बजे के तक ही मिलती है। दूसरी ओर इस बात से भी अवगत करा दें कि यह सुविधा महीने के दो शनिवार सेकेंड और फोर्थ को नहीं उपलब्ध होती है। अब रिजर्व बैंक ने यह फैसला किया है कि दिसंबर, 2019 से एनईएफटी सातों दिन 24 घंटे किया जा सकेगा।
ऑनलाइन रिटेल पेमेंट में भारी बढ़ोतरी की संभावना
इस तरह के पहल का मुख्य उदेश्य यह हैं कि इससे ऑनलाइन रिटेल पेमेंट में भारी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। आरबीआई इस बारे में बाद में और विस्तृत विवरण जारी करेगा। इन सब की जानकारी बुधवार को आरबीआई की तरफ से यह दी गई। दूसरी तरफ बता दें कि एनईएफटी के जरिए एक बार में 50,000 रुपये तक ट्रांसफर किए जा सकते हैं। वहीं खास मामलों में बैंक इस लिमिट को बढ़ा भी सकते हैं।
भारत बिल पेमेंट सिस्टम से भी भुगतान आसान
आरबीआई आम उपभोक्ताओं को डिजिटल पेमेंट के लिए एक और सुविधा देने जा रहा है। इसके तहत अब ग्राहक भारत बिल पेमेंट सिस्टम की मदद से हर प्रकार के बिल का भुगतान कर सकेंगे। अभी इस सिस्टम से पांच प्रकार के बिल का भुगतान कर सकते हैं। इनमें डायरेक्ट टू होम (डीटीएच), बिजली, गैस टेलीकॉम और पानी के बिल शामिल हैं। बुधवार को आरबीआई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक बीबीपीएस में काफी संभावनाएं हैं और इसका पूरा-पूरा फायदा उठाने के लिए हर प्रकार के बिल का भुगतान इसके माध्यम से किया जा सकेगा। बीबीपीएस से सिर्फ प्रीपेड रिचार्ज नहीं करा सकेंगे। आरबीआई के मुताबिक अगले महीने सितंबर में इस संबंध में विस्तृत विवरण जारी किया जाएगा।
जानें क्या है एनईएफटी
एनईएफटी एक पेमेंट सिस्टम है, जो ग्राहकों को एक बैंक से दूसरे बैंक में पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देता है। ऑनलाइन बैंकिंग पर फोकस बढ़ाने वाला एनईएफटी फंड ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला सबसे चर्चित तरीकों में से एक है। इससे कोई भी उपभोक्ता अपने बैंक अकाउंट से देशभर में किसी भी अन्य बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर सकता है।
एसबीआई ने एनईएफटी पर लगने वाले चार्ज को किया खत्म
जानकारी दें कि पहले बैंक एनईएफटी के लिए चार्ज वसूलते थे। पिछली क्रेडिट पॉलिसी में रिजर्व बैंक ने एनईएफटी पर लगने वाले इस चार्ज को खत्म करने का ऐलान किया था। एनईएफटी पर हर एक लेनदेन पर 2.50 रुपये से लेकर 25 रुपये का चार्ज वसूला जाता है। आरबीआई के डायरेक्शन के बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एनईएफटी पर लगने वाले चार्ज को खत्म कर दिया है।
जानें क्या है आरटीजीएस और एनईएफटी में अंतर
आरटीजीएस और एनईएफटी में अंतर देखा जाए तो दोनों का ही काम दो अलग अलग बैंक अकाउंट में पैसे ट्रान्सफर करना है। अगर आपको किसी एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में पैसे ट्रान्सफर करना है तो आप एनईएफटी और आरटीजीएस में से किसी एक का प्रयोग कर सकते हैं। आपको बता दें कि दोनों में मुख्य अंतर समय सीमा को लेकर है। एक तरफ जहां एनईएफटी में पैसे ट्रान्सफर करने की कोई लिमिट नहीं है। वहीं आप 1 रूपये से लेकर ज्यादा ज्यादा कितने भी रूपये ट्रान्सफर कर सकते हैं। जबकि वहीं दूसरी तरफ आरटीजीएस में आपको कम से कम 2 लाख रूपये का ट्रान्सफर करना होगा। इसमें भी आप ज्यादा से ज्यादा कितने भी रूपये ट्रान्सफर कर सकते हैं।


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