पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक देश-एक कर के तर्ज पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक देश-एक राशन कार्ड योजना को शुक्रवार 9 अगस्त को लॉन्च कर दिया गया है।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक देश-एक कर के तर्ज पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक देश-एक राशन कार्ड योजना को शुक्रवार 9 अगस्त को लॉन्च कर दिया गया है। आपको बता दें इस योजना का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने ऑनलाइन किया है। हालांकि, इस पायलट प्रोजेक्ट योजना को अभी सिर्फ दो क्लस्टर राज्यों आंध्र प्रदेश-तेलंगाना और महाराष्ट्र-गुजरात में शुरु किया गया है।

इसके बाद से अब आंध्र प्रदेश के निवासी तेलंगाना में और तेलंगाना के निवासी आंध्र प्रदेश में किसी भी राशन की दुकान से अनाज ले सकते हैं। इसी तरह का नियम गुजरात और महाराष्ट्र के निवासियों पर भी लागू होगा।
आपको जानकर खुशी होगी कि धीरे-धीरे केंद्र सरकार की यह योजना देशभर में लागू की जाएगी। इस योजना के देशभर में लागू होने के बाद लाभार्थी देश में कहीं भी किसी भी राशन की दुकान से अपने हिस्से का अनाज ले सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि देशभर में 'एक देश, एक राशन कार्ड' की योजना को जून, 2020 तक पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। जून के अंतिम सप्ताह में भी खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बैठक कर योजना को लागू करने के लिए एक साल का समय दिया था।
बता दें कि यह योजना एक देश-एक कर के तर्ज पर शुरु की जा रही है। इस योजना के लागू होने के बाद यदि कोई गरीब व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता है तो उसे राशन मिलने में परेशानी नहीं होगी। साथ ही फर्जी राशन कार्ड पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा सभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ने और प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन के जरिये खाद्यान्न वितरण की व्यवस्थाएं अपने अंतिम चरण में है।
इस योजना के आने के बाद सबसे ज्यादा सहूलियत उन लोगों को मिलेगी जो कि रोजगार के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य जाते हैं। इस तरह वो सस्ते दाम में अनाज खरीद सकेंगे।


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