अक्सर प्रॉपर्टी घर के पुरुषों के नाम होती थी लेकिन अब महिलाओं के नाम पर उनके पिता, पति या या फिर वो खुद अपने नाम की प्रॉपर्टी ले रही हैं।
अक्सर प्रॉपर्टी घर के पुरुषों के नाम होती थी लेकिन अब महिलाओं के नाम पर उनके पिता, पति या या फिर वो खुद अपने नाम की प्रॉपर्टी ले रही हैं। आपको बता दें कि प्रॉपर्टी पर महिला के अधिकार अलग-अलग होते हैं यह धर्म, संस्कृति, सामाजिक दर्जे जैसी बातों पर निर्भर करता है। आपको यहां पर हम बताएंगे कि बगैर वसीयत बनाए यदि किसी महिला की मौत हो जाती है तो उसकी प्रॉपर्टी का हकदार कौन होगा तो आइए जानते हैं।

सबसे पहले आपको बताते हैं कि कौन से सेक्शन के तहत महिला की प्रॉपर्टी का हक दिया जाएगा।
सेक्शन 15 और सब-सेक्शन 1
यह बताता है कि महिला की प्रॉपर्टी उत्तराधिकारियों के बीच में बंटेगी और उनमें भविष्यवाणी का क्रम क्या रहेगा:
1. पहले बेटे और बेटी को मिलेगा।
2. पति के उत्तराधिकारी
3. पिता और माता-पिता
4. पिता के उत्तराधिकारी
5. मा के उत्तराधिकारी
तो वहीं सेक्शन 15 और सब सेक्शन 2 के अनुसार इसमें प्रॉपर्टी के बंटवारे के बारे में बताया गया है कि महिला को प्रॉपर्टी माता-पिता, पति या सास-ससुर, इनमें से किससे मिली है।
हिन्दू विवाहित महिला के केस में
बता दें कि हिंदू अधिकार प्राधिकरण, 1956 के सेक्षन 14, 15 और 16 में इसका उल्लेख है। ये बताते हैं कि किसी विवाहित महिला की प्रॉपर्टी उसके वारिसों को कैसे सुपुर्द होगी। सेक्शन 14 से पता चलता है कि एक महिला की प्रॉपर्टी में क्या शामिल होता है। यह विरासत और खुद खरीदी गई प्रॉपर्टी में अंतर नहीं करता है।
मुस्लिम महिला
मुस्लिम कानून के तहत खुद खरीदी गई या विरासत में मिली प्रॉपर्टी के बीच अंतर नहीं है। कानूनी वारिसों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें से कुछ शेयर और रेजिड्यूरी शामिल है। शेयर के हिस्सेदारों को अपना हिस्सा पहले मिलता है। बाकी भाग रेजिड्यूरी को जाता है।
मुस्लिम महिला को अपने किसी भी संबंध (पति, पुत्र, पिता, मां) से प्रॉपर्टी मिलने पर वह अपने हिस्से की पूरी मालकिन होती है। वे जैसे चाहें उनकी प्रॉपर्टी को दूसरे को दे सकते हैं। अगर कोई मुस्लिम महिला वसीयत बनाना चाहती है तो वह अपनी प्रॉपर्टी का एक-तिहाई से ज्यादा हिस्सा नहीं दे सकती है। अगर पति इसमें एकमात्र उत्तराधिकारी है तो वह अपनी इच्छा से दो-तिहाई प्रॉपर्टी दे सकती हैं।
अन्य धर्म की महिलाओं
हिंदू, बौद्ध, सिख्ख, जैन और मुस्लिमों के अलावा महिला की संपत्ति का बंटवारा भारतीय उत्तराधिकार कानून, 1925 के तहत होता है।
More From GoodReturns

Chandra Grahan 2026: सूतक काल सुबह 6:23 से शुरू, जानें आपके शहर में कब लगेगा चंद्र ग्रहण

Silver Price Today: 8 मार्च को चांदी खरीदने का प्लान है? जानें आज 1 किलो चांदी का भाव क्या है?

Happy Holi Shayari: रंगों से भी ज्यादा खूबसूरत हैं ये मैसेज, भेजें प्यार का पैगाम, पढ़ें बेस्ट होली मैसेज

Gold Rate Today: 6 मार्च को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

Gold Rate Today: चंद्र ग्रहण के दिन सोने की कीमतों में आई गिरावट! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

CM Kisan Samman Yojana: राजस्थान किसानों के लिए अपडेट! कब आएगी 6वीं किस्त, ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस



Click it and Unblock the Notifications