नई दिल्ली। देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों से मिनिमम बैलेंस के नाम पर बैंक रोज 9 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूल कर रहे हैं। यह आंकड़े किसी अनुमान पर नहीं, बल्कि देश की संसद में रखे गए मोदी सरकार के आंकड़े हैं। सरकार ने पिछले दिनों राज्य सभा में बताया है कि देश के 18 सरकारी बैंक और निजी क्षेत्र के 4 बैंकों ने बीते 3 साल में करीब 10,000 करोड़ रुपये मिनिमम बैंलेंस न रखने के नाम पर बैंकों ने वसूले हैं। इन 3 साल में जहां 4 बड़े निजी बैकों ने करीब 3566 करोड़ रुपये की पेनाल्टी अपने खाताधारकों से वसूली वहीं, 18 सरकारी बैंकों ने 6155 करोड़ रुपये की पेनाल्टी वसूली है। इनमें सरकारी बैंकों में एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी जैसे 18 और निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई, एचडीएफसी जैसे 4 बैंक शामिल हैं। आपके साथ भी ऐसा न हो, इसके लिए प्रमुख बैंकों के मिनिमम बैलेंस चार्ज को जान लेना काफी जरूरी है, जिससे आप पर इस पेनाल्टी का बोझ न आए।
राज्य सभा में मोदी सरकार ने दी जानकारी
राज्य सभा में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर की ओर से लिखित जवाब में यह जानकारी दी गई है। देश के बैंकों को यह छूट है कि वो अपने बोर्ड में यह तय कर सकते हैं कि ग्राहकों पर कितनी पेनाल्टी लगाएं। बैंकों को यह अधिकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिया है। आरबीआई के अनुसार बैंक सेवाओं की फीस को लेकर अपने बोर्ड से प्रस्ताव पास करके अपनी मर्जी के अनुसार फीस लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
जानिए एसबीआई के मिनिमम बैलेंस के चार्ज
एसबीआई में सेविंग बैंक अकाउंट में ग्राहक को हर माह अपने अकाउंट में एक तय मिनिमम बैलेंस रखना पड़ता है। एसबीआई के खाताधारकों को मेट्रो और अर्बन क्षेत्र में 3000 रुपये, सेमी अर्बन क्षेत्र में 2000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 1000 रुपये का न्यूनतम बैलेंस रखना पड़ता है।
जानिए एचडीएफसी बैंक के मिनिमम बैलेंस के चार्ज
एचडीएफसी बैंक के खाताधारकों को मेट्रो और अर्बन क्षेत्र में 10,000 रुपये, सेमी अर्बन क्षेत्र में 5000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में तिमाही आधार पर 2500 रुपये का न्यूनतम बैलेंस रखना पड़ता है।
जानिए आईसीआईसीआई बैंक के मिनिमम बैलेंस के चार्ज
इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक अपने ग्राहकों को मेट्रो और अर्बन क्षेत्र में 10000 रुपये, सेमी अर्बन क्षेत्र में 5000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 1999 रुपये का मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने की बाध्यता लगाता है।
बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट में नहीं है मिनिमल बैंलेंस की बाध्यता
आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट (बीएसबीडी) अकाउंट में मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने की बाध्यता नहीं होती है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से खोले गए खातों पर भी यह बाध्यता लागू नहीं है। मार्च 2019 तक देश में 57.3 करोड़ बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट थे। इनमें से 35.27 करोड़ जनधन खाते थे।


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