लोकसभा ने मोटर वाहन (संशोधन) बिल-2019 को मंजूरी दे दी। इसमें रोड सेफ्टी को लेकर बहुत सख्त प्रावधान किए गए हैं।
नई दिल्ली: लोकसभा ने मोटर वाहन (संशोधन) बिल-2019 को मंजूरी दे दी। इसमें रोड सेफ्टी को लेकर बहुत सख्त प्रावधान किए गए हैं। अब ड्राइविंग के दौरान गलती पर भी भारी जुर्माना लगेगा। जानकारी दें कि सरकार ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्ती से पेश आएगी। इतना ही नहीं चाहे ड्राइविंग के दौरान ओवर स्पीड का मामला हो, बिना हेल्मेट या बिना बेल्ट या फिर नशे में ड्राइविंग कर रहे हैं तो जुर्माने का पैसा कई गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। वहीं कुछ मामलों में सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने तक का प्रावधान रखा है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन यह है कि जो भी वाहन एंबुलेंस को जाने के लिए रास्ता नहीं देगा, उसके ऊपर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। शराब पीकर और खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर पर भी 10,000 रुपए का जुर्माना लगेगा। ओवर स्पीड पर 1,000 से 2,000 रुपए तक जुर्माना लगेगा तथा ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन करने वाले कैब चालकों पर 1 लाख रुपए तक पेनल्टी लगेगी। ओवरलोडिंग कर वाहन चलाने वाले वाहनों पर 20,000 रुपए का फाइन लगेगा।

मोटर व्हीकल एक्ट के नए नियम
1. लाइसेंस के बिना ड्राइविंग करने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर 5000 किया गया।
2. गाड़ी तेज गति से चलाने पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर अधिकतम 5000 रुपया किया गया।
3. इतना ही नहीं सीट बेल्ट नहीं लगाने पर भी जुर्माना बढ़ाया गया। इसे 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है।
4. गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल फोन पर बात करते हुए पकड़े जाने पर जुर्माना 1000 रुपए से बढ़ाकर 5000 करने का प्रस्ताव है।
5. किसी आपातकालीन गाड़ी को रास्ता नहीं देने पर पहली बार 10000 रूपए के जुर्माने का प्रावधान है।
6. नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर पहली बार सख्त जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
7. अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक या गाड़ी के मालिक दोषी माने जाएंगे। इसके लिए 25000 रूपए के जुर्माने के साथ-साथ 3 साल के जेल का प्रावधान है। उसके साथ ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द करने का प्रावधान है।
8. गाड़ी चलाते वक्त ओवरलोडिंग के लिए 20000 न्यूनतम जुर्माना के साथ साथ 1000 रुपया प्रति टन अतिरिक्त पैसे का प्रावधान है।
9. इस बिल में सड़क हादसे में मारे गए लोगों को मिलने वाले मुआवजे में भी बढ़ोतरी की गई है। इसे बढ़ाकर अब अधिकतम 5 लाख रुपए जबकि गंभीर रूप से घायल होने पर 2.5 लाख मुआवजा कर दिया गया है।
10. रैश ड्राइविंग करने पर जुर्माना 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 करने का प्रस्ताव है।
11. अगर आप अब बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं तो धारा-196 के तहत 2000 रुपये का चलाना होगा। इससे पहले 1000 रुपये का जुर्माना लगता था।
12. हिट एंड रन के मामले में सरकार 2 लाख रुपये या उससे अधिक का मुआवजा मृतक के परिजनों के देगी। अब तक यह रकम 25 हजार रुपये थी।
13. ट्रैफिक विभाग के संबंधित अधिकारियों के आदेश को नहीं मानने (धारा-179) पर पहले 500 रुपये का जुर्माना था, अब 2000 रुपये लगेंगे।
14. किसी आपातकालीन गाड़ी (जैसे एंबुलेंस) को रास्ता नहीं देने पर धारा-194ई के तहत पहली बार 10000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
इन बातों को न करें नजरअंदाज
ट्रैफिक नियमों का पालन मजबूती से किया जाए, इसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में बदलाव कर मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल 2019 को लोकसभा में पास किया गया। ये बिल अप्रैल 2017 में भी लोकसभा में पास हुआ था, लेकिन राज्यसभा में पास नहीं होने के कारण अटक गया था। मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के बाद अब विभिन्न प्रकार के ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ज्यादा सजा होगी और जुर्माना भी ज्यादा लगेगा। जानकारी दें कि नए एक्ट में तय मानक से कमतर इंजन बनाने पर गाड़ी बनाने वाली कंपनियों पर 500 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं ड्राइविंग लाइसेंस बनाने या वाहन का पंजीकरण करवाने के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा। सरकार का मानना है कि जुर्माने की राशि कम होने की वजह से लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते।


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