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बिजली का बिल देख कर भी आ सकता है इनकम टैक्स नोटिस, जानें क्यों

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में शुक्रवार को बजट पेश किया था। उस दिन लोगों को ज्यादा बजट समझ में नहीं आया था। जितना समझ में आया था, वह था कि पेट्रोल और डीजल काफी महंगा हो गया है। इसके अलावा अगर बैंक खाते से एक साल में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश निकाला तो 2 फीसदी टैक्स देना होगा। लेकिन अब धीरे-धीरे बजट की सच्चाई सामने आ रही है। इस बजट-2019 में कई ऐसे प्रस्ताव हैं, जो लोगों को दिक्कत में डालेंगे। मोदी सरकार ने यह प्रस्ताव काले धन पर चोट करने के लिए पेश किया हैं, लेकिन इसका असर बहुत से लोगों पर पड़ेगा। इन बजट प्रस्तावों के तहत अगर आपकी सालाना आमदनी 5 लाख रुपये से कम भी है, तो भी आपको इनकम टैक्स रिटर्न भरना पड़ सकता है। इसके लिए सरकार ने ऐसे प्रस्ताव पेश किए हैं, जिनसे बचना कठिन हो जाएगा। आइये जानते हैं कि ये बजट प्रस्ताव कौन से हैं, जिनका आप पर ज्यादा असर पड़ने वाला है।

बिजली का बिल देख कर भी आ सकता है इनकम टैक्स नोटिस

 

वित्त विधेयक-2019 में हैं ये प्रावधान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश वित्त विधेयक-2019 में इनकम टैक्स चोरी रोकने और टैक्स से अकामदनी बढ़ाने के लिए कई प्रस्ताव पेश किए हैं। बजट के साथ पेश वित्त विधेयक (दो)-2019 में आयकर अधिनियम की धारा-139 में कई संशोधन के प्रस्ताव इस बार पेश हुए हैं। इसके तहत कई जगहों पर एक निश्चित सीमा से ज्यादा खर्च किया तो आपको इनकम टैक्स रिटर्न भरना ही होगा।

ऐसे लगेगा ज्यादा बिजली का बिल आने पर झटका

ऐसे लगेगा ज्यादा बिजली का बिल आने पर झटका

बजट के साथ पेश वित्त विधेयक (दो)-2019 में आयकर अधिनियम की धारा-139 में संशोधन के प्रस्ताव के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 1 साल में किसी बैकिंग कंपनी या सहकारी बैंक में एक या एक से अधिक चालू खाते से कुल 1 करोड़ रुपये से अधिक की पैसा जमा कराता है, तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न अनिवार्य रूप से भरना होगा। इसके अलावा यदि कोई खुद की या किसी अन्य व्यक्ति की विदेश यात्रा पर कुल मिलकार 2 लाख रुपये से अधिक का खर्च करता है, तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न भरना होगा। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति ने एक साल में बिजली का इस्तेमाल 1 लाख रुपये से ज्यादा का किया है, तो उसे भी इनकम टैक्स रिटर्न भरना हो्गा। इन 3 बजट प्रस्तावों में जो भी एक भी पूरा करता है उसे इनकम टैक्स का रिटर्न अनिवार्य रूप से भरना होगा, चाहे उसकी आमदनी टैक्सवेल हो या न हो।

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अगले साल से लागू होंगे यह संशोधन
 

अगले साल से लागू होंगे यह संशोधन

यही नहीं अगर कोई व्यक्ति आयकर अधिनियम की धारा-54 के तहत लॉगटर्म पूंजीगत लाभ पर टैक्स छूट का दावा करता है तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न अनिवार्य रूप से फाइल करना होगा। फिलहाल ऐसा नियम नहीं है। अभी मकान से पूंजीगत लाभ, कई तरह के बांड और परिसंपत्तियों में निवेश अगर लॉग टर्म कैपिटल लेना हो तो बिना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किए भी यह टैक्स छूट ली जा सकती है। वित्त विधेयक के यह संशोधन 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी होंगे और आकलन वर्ष 2020-21 से यह लागू होंगे।

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1 करोड़ से ज्यादा बैंक से निकाला तो देना होगा टैक्स

1 करोड़ से ज्यादा बैंक से निकाला तो देना होगा टैक्स

बजट 2019 में नकद लेनदेन को कम करने के लिए एक नया टैक्स लगाया गया है। इसके लिए आयकर अधिनियम में एक नई धारा-194एन जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति बैंक या सहकारी बैंक या डाकघर खातों से एक साल में अगर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा नगद निकालता है, तो उसे 2 फीसदी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) देना होगा। यह प्रावधान सरकार, बैंकिंग कंपनी, बैंकिंग कार्य में लगी सहकारी समिति, डाकघर, बैंकिंग प्रतिनिधि और व्हाइट लेबल एटीएम चलाने वाली कंपनियों पर लागू नहीं होगा।

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English summary

If there is more electricity bill then it is essential to fill the income tax return

Finance Minister Nirmala Sitharaman has said in his budget proposal that if you spend more than Rs 2 lakh on foreign travel in the year, then you will have to file an income tax return.
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