नई दिल्ली। हाउसिंल लोन सेक्टर की देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनी एचडीएफसी की लिस्टिंग के आज 41 साल पूरे हो गए हैं। आज ही के दिन 1978 में एचडीएफसी की मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) में लिस्टिंग हुई थी। हालांकि कंपनी का आईपीओ पूरा बिक नहीं सका था, लेकिन कंपनी ने निवेशकों का भरोसा तब से आज तक बनाए रखा है। अगर किसी ने कंपनी की लिस्टिंग वाले दिन इसमें 10,000 रुपये का निवेश किया होगा तो आज उनके पास करीब 2.45 करोड़ रुपये की वैल्यू है। यहां पर ध्यान रखने की बात है कि कंपनी इन 41 साल में अपने हर निवेशक को 20 लाख रुपये लाभांश के रूप में दे चुकी है। कंपनी ने अभी तक केवल एक बार ही बोनस शेयर जारी किया है।
कब हुई थी एचडीएफसी की लिस्टिंग
एचडीएफसी की मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) में लिस्टिंग 3 जुलाई 1978 को हुई थी। इसके अलावा कंपनी की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 5 अगस्त 1996 को हुई थी। कंपनी ने पहली बार में अपना शेयर 100 रुपये की फेस वैल्यू में जारी किया था। बाद में कंपनी का कारोबार बढ़ता रहा और इसने 1995 में अपनी बैंकिंग कारोबार अलग कर दिया। यह बैंकिंग कारोबार एचडीएफसी बैंक के रूप में चल रहा है। अगर किसी ने एचडीएफसी में 1978 में लिस्टिंग वाले दिन 10000 रुपये का निवेश किया होगा तो आज उसकी वैल्यू 2.45 करोड़ रुपये है। इस वैल्यू में 20 लाख रुपये का मिला हुआ डिविडेंड भी शामिल है। वहीं जिनके पास लिस्टिंग के दिन के 100 शेयर आज भी होंगे तो उनकी संख्या बढ़कर अब 10,000 शेयर की हो गई है।
तेजी से फैला एचडीएफसी का कारोबार
एचडीएफसी ने कारोबार में तेज प्रगति की है। आज इस ग्रुप की 3 लिस्टेड और 8 अनलिस्टेड कंपनियां हैं। वहीं 2 अनलिस्टेड कंपनियों की लिस्टिंग की तैयारी चल रही है। कंपनी का देश के हाउसिंग फाइनेंस मार्केट में करीब 40 फीसदी हिस्सा है। एचडीएफसी की लिस्टेड कंपनियों में निवेश की वैल्यू 2 लाख करोड़ रुपये है।
एचडीएफसी की कहानी केकी मिस्त्री की जुबानी
एचडीएफसी के उपाध्यक्ष और सीईओ केकी मिस्त्री शुरुआती दिनों की याद करते हुए बताते हैं कि 1977 में जब एचडीएफसी की शुरुआत हुई, उन दिनों बैंक हाउिसंग लोन नहीं देते थे। उस दौर में घर बनाना काफी कठिन काम था। ऐसे में आईएफसी और एलआईसी से कर्ज लेकर हाउसिंग लोने देने का कारोबार शुरू जो आज तक जारी है और तेजी से फैल रहा है। एचडीएफसी ने शुरुआती दौर में जहां आईएफसी से 40 लाख डॉलर का कर्ज लिया था वहीं एलआईसी से 10 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।


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