नई दिल्ली। क्या आपको पता है कि रुपये-पैसे और मोबाइल मैसेज के बीच एक रिश्ता है। जैसे ही आपको पैसे मिलते हैं आपको खुशी होती है, वैसी ही खुशी आपको अचानक मोबाइल पर किसी का मैसेज मिलने पर होती है। यही कारण है कि आप लगातार अपने मोबाइल को चेक करते रहते हैं, चाहे कोई मैसेज आया हो या नहीं। एक शोध में यह खुलासा हुआ है। यह शोध इसलिए किया गया था कि लोग क्यों बार-बार अपना मोबाइल फोन चेक करते रहते हैं।

शोध में हुआ खुलासा
एक शोध में खुलासा हुआ है कि हमारे दिमाग को नई सूचना मिलने पर वैसी ही खुशी होती है, जैसी हमें रुपया-पैसे मिलने या पसंदीदा खाना मिलने पर होती है। इसका संबंध हमारे दिमाग की सूचनाओं के प्रति प्रतिक्रिया देने के तरीके से है। नई सूचना भले ही काम की हो या न हो, लेकिन ये हमारे दिमाग के रिवॉर्ड सिस्टम पर वैसा ही प्रभाव डालती है।
अमेरिका में शोध में हुआ खुलासा
अमेरिका के नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस के जर्नल प्रोसीडिंग्स में छपे एक शोध के अनुसार, हमारा दिमाग किसी भी नई सूचना के प्रति उतने उत्साह से ही रिएक्ट करता है, जैसा हम पैसे का फायदा होने या मनपसंद खाना मिलने पर करते हैं।
क्यों किया गया यह रिसर्च
इस शोध में शोध करने वाले ने दिमाग के इन्फॉर्मेशन को कंज्यूम करने के पीछे की न्यूरोसाइंस को समझने की कोशिश की है। इससे डिजिटल एडिक्शन को भी समझने की कोशिश की गई, कि कैसे हमारा दिमाग सोशल मीडिया पर आए मैसेज या क्लिकबेट के आगे इतना बेबस क्यों हो जाता है।
कैसे की गई यह शोध
इस शोध में सूचना को ग्रहण करने के पीछे के न्यूरोसाइंस को समझने के लिए शोध करने वालों ने कुछ लोगों को लोगों को जुआ खेलने के लिए कहा। इसमें हर प्रतिभागी को लॉटरी की एक सीरीज दी गई और उन्हें तय करना था कि जीतने की संभावना को देखने के लिए वो कितनी कीमत चुकाने को तैयार हैं। इसी के बाद मिले आंकड़ों से यह निष्कर्ष निकाला गया।
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