वाहन चालकों के लिए बड़े काम की खबर, जी हां जल्द ही आपका ड्राइविंग लाइसेंस बदल जायेगा।
नई दिल्ली: वाहन चालकों के लिए बड़े काम की खबर, जी हां जल्द ही आपका ड्राइविंग लाइसेंस बदल जायेगा। केंद्र सरकार सड़कों पर गाड़ी और ड्राइवर की पहचान को आसान बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके लिए पूरे देश में एक समान ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) का नियम बनाया गया है। यह नया नियम 1 अक्टूबर 2019 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। यानी 1 अक्टूबर 2019 के बाद पूरे देश में जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी एकसमान होंगे। इस बात की जानकारी सड़क परिवहन एवं राममार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में दी है।
स्मार्ट ड्राइविंग ड्राइविंग लाइसेंस में माइक्रोचिप और क्यूआर कोड
बता दें इस दौरान नितिन गडकरी की ओर से राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार नया ड्राइविंग लाइसेंस बिना चिप वाला लेमिनेटिड कार्य या फिर स्मार्ट कार्ड के रूप में जारी किया जाएगा। इन स्मार्ट ड्राइविंग ड्राइविंग लाइसेंस माइक्रोचिप और क्यूआर कोड होंगे, जिसमें आपकी यातायात नियमों के उल्लंघन संबधी सभी जानकारियां होंगी। इसको लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 1 मार्च 2019 को नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। बता दें कि अभी कुछ राज्यों जैसे महाराष्ट्र व दिल्ली में चिप वाले स्मार्ट कार्ड डीएल जारी किए जाते हैं। वहीं यूपी जैसे अन्य राज्यों में बिना चिप वाले लैमिनेटेड कार्ड जारी होते हैं। मंत्रालय देश के सभी राज्यों के लिए कॉमन स्टैंडर्ड फॉर्मेट और डिजाइन निर्धारित कर चुका है।
1 अक्टूबर 2019 से पूरे देश में एक समान होगा फॉर्मेट
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 1 अक्टूबर 2019 से पूरे देश में एक ही फॉर्मेट में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जारी की जाएंगी। इसमें सामने की ओर चिप और पीछे की ओर क्यूआर कोड होगा। इस चिप और बार कोड में लाइसेंस होल्डर और वाहन की समस्त जानकारी होगी। क्यूआर कोड की मदद से केंद्रीय ऑनलाइन डेटाबेस से ड्राइवर या वाहन का पूरा रिकॉर्ड एक डिवाइस के जरिए पढ़ा जा सकेगा। वहीं नोटिफिकेशन के अनुसार 1 अक्टूबर 2019 से जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का रंग भी एक समान होगा। नोटिफिकेशन में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी पर दर्ज की जाने वाली जानकारी के फॉन्ट भी तय कर दिए गए हैं।
करीब 30 प्रतिशत भारतीयों के लाइसेंस फर्जी
इस बात से भी रुबरु करा दें कि मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि तकरीबन 30 प्रतिशत भारतीयों के लाइसेंस फर्जी हैं। इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट्स के मुताबिक अकेले दिल्ली एनसीआर में जनवरी 2019 के शुरुआती 15 दिनों में ही अवयस्कों द्वारा ड्राइविंग के मामलों में 589 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जिनमें 61 में जुवेनाइल के मामले से जुड़े थे और उन्हें चालान जारी किये गए। हालांकि मंत्रालय पहले ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सारथी एप्लीकेशन डेवलप कर चुका है। जिसमें पूरे देश के सभी लाइसेंसधारकों का डाटाबेस मौजूद है। बता दें कि तकरीबन 15 करोड़ लाइसेंस धारकों के रिकॉर्ड इसमें शामिल हैं। वहीं सारथी एप्लीकेशन में यह भी फीचर है कि रियल-टाइम ऑनलाइन बेसिस पर फर्जी लाइसेंस के साथ चालान से संबंधित जानकारियों को पकड़ सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर मोदी सरकार ने किया ये बड़ा फैसला
इस बात से भी अवगत करा दें कि अभी हाल ही में ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने के लिए न्यूनतम शिक्षा की बाध्यता को खत्म करने का फैसला लिया गया है। जी हां सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। नियमों में बदलाव के संबंध में मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जानकारी दें कि मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या रिन्यू कराने के लिए आठवीं पास शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है। बता दें कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 की धारा 8 के तहत ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए आठवीं पास की अनिवार्य योग्यता की शर्त को हटा दिया गया है।


Click it and Unblock the Notifications