For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

SBI के Saving Bank Account में मिलेगा कम ब्याज, बदल गई व्यवस्था

|

नई दिल्ली। एसबीआई (SBI) ने आज अपने खास सेविंग बैंक अकाउंट (Special savings bank account) में ब्याज दरें (Interest rate) घटा दी हैं। अब इन सेविंग बैंक अकाउंट (savings bank account) पर कम ब्याज मिलेगा, जिससे लोगों को नुकसान होगा। ऐसा इसलिए हो रहा है क्यों कि एसबीआई (SBI) ने अपनी ब्याज दरों (Interest rates) को रेपो रेट से लिंक (Interest rates linked to repo rate) कर दिया है।

SBI के Saving Bank Account में मिलेगा कम ब्याज, बदले नियम

 

किन सेविंग बैंक अकाउंट (savings bank account) पर पड़ेगा फर्क

एसबीआई के सेविंग बैंक अकाउंट (sbi savings bank account) के नियमों में बदलाव का फर्क उनको पड़ेगा, जिनके सेविंग बैंक अकाउंट (savings bank account) में 1 लाख रुपये से ज्यादा जमा है। अब इन सेविंग बैंक अकाउंट (savings bank account) पर 3.25 फीसदी ही ब्याज मिलेगा। हालांकि जिन लोगों के सेविंग बैंक अकाउंट में 1 लाख रुपये से कम जमा है, उनको अभी भी 3.50 फीसदी ही ब्याज मिलेगा।

SBI ने क्या बदला है नियम

एसबीआई (sbi) ने 1 लाख रुपये से ज्यादा की जमा वाले सेविंग बैंक अकाउंट (savings bank account) के लिए ब्याज (Interest rates) देने का नियम बदल दिया है। अब एसबीआई (sbi) इन खातों में वर्तमान रेपो रेट (repo rate) से 2.75 फीसदी कम ब्याज देगा। इस वक्त रेपो रेट (repo rate) 6 फीसदी है, इसीलिए इन सेविंग बैंक खातों में अब 3.25 फीसदी ब्याज (Interest rates) मिलेगा। जैसे ही आरबीआई (RBI) अपना रेपो रेट (repo rate) बदलेगा, इन सेविंग बैंक खातों (savings bank account) की ब्याज दर भी बदल जाएगी। अगर रेपो रेट (repo rate) घटता है तो इन ऐसे सेविंग बैंक अकाउंट (savings bank account) में ब्याज दरें और भी कम हो जाएंगी।

डूब सकता है Bank में भी जमा पैसा, जान लें बचने का नियम

जानें इन बदलावों का पूरा मतलब
 

जानें इन बदलावों का पूरा मतलब

- अन्य खातों के लिए इंटरेस्ट रेट वही रहेगा जो आरबीआई ने तय किया हुआ है। यानी 1 लाख रुपये से कम बैलेंस वाले सेविंग बैंक अकाउंट पर 3.5 फीसदी ब्याज ही मिलता रहेगा।

1 लाख रुपये से जमा वाले खातों की नहीं बदलीं ब्याज दरें

- मार्च में एसबीआई (SBI) ने कहा था कि, छोटे खाताधारकों (small deposit-holders) और छोटे लेनदारों (small borrowers) को एक्सटर्नल बेंचमार्क (external benchmarks) के मूवमेंट से बचाया जाएगा। इस बात पर अमल करते हुए एसबीआई (SBI) ने 1 लाख रुपये तक की जमा राशि वाले खाताधारकों और 1 लाख रुपये तक की ओवरड्राफ्ट लिमिट (overdraft limits) और कैश क्रेडिट अकाउंट (cash credit accounts) वाले लेनादारों को रेपो रेट (repo rate) से नहीं जोड़ा है।

SBI : अब NPA वसूलने के लिए खर्च बढ़ाने की तैयारी

अभी मिल रहा है यह ब्याज

- एसबीआई (SBI) में फिलहाल 1 करोड़ रुपये तक के डिपॉजिट वाले सेविंग्स अकाउंट (savings account deposits) पर 3.5 फीसदी ब्याज दर (interest rate) थी। 1 करोड़ रुपये से अधिक के डिपॉजिट अकाउंट पर 4 फीसदी ब्याज (interest rate) मिल रहा था।

इन अकाउंट पर भी पड़ेगा फर्क

- 1 लाख रुपये तक के सभी कैश क्रेडिट अकाउंट्स (cash credit accounts) और ओवरड्राफ्ट्स (overdrafts) को भी बेंचमार्क पॉलिसी रेट (benchmark policy rate) से जोड़ा गया है। इसमें 2.25 फीसदी तक की अतिरिक्त लिमिट (Additional limit) दी जा सकती है। इस सीमा के आगे रिस्क प्रीमियम (risk premiums) लेनदार के रिस्क प्रोफाइल (risk profile) को देखकर तय किया जाएगा।

एक SMS दिला देगा SBI से लोन, जानें तरीका

English summary

sbi reduced Interest rates in special savings bank account from today

SBI has changed the interest rates in the savings bank account with deposits of more than Rs 1 lakh.SBI's Savings Bank Account interest rates will now be fixed by repo rate.
Company Search
Enter the first few characters of the company's name or the NSE symbol or BSE code and click 'Go'
Thousands of Goodreturn readers receive our evening newsletter.
Have you subscribed?

Find IFSC

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Goodreturns sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Goodreturns website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more