नई दिल्ली। अगर आपका किराना स्टोर (Grocery store) है तो जल्द ही आप भी ऑनलाइन कारोबारी बन सकते हैं। रिलायंस (reliance) आपको यह मौका दे सकती है। रिलायंस (RIL) का इरादा देश में काम करने वाले किराना स्टोर (Grocery store) को ई-कामर्स (E-commerce) से जोड़ने का है। बैंक ऑफ अमेरिका मैरीलिंच (BofAML) की एक रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस 2023 तक देश में करीब 50 लाख किराना स्टोर को अपने ई-कामर्स प्लेटफार्म (E-commerce platform) से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। देश में ई-कामर्स (E-commerce) बाजार तेजी से बढ़ रहा है और दुनियाभर की बड़ी बड़ी कंपनियों की इस पर नजर है। ऐसे में रिलायंस (reliance) का इरादा अलीबाबा (Alibaba) और अमेजन (Amazon) की चुनौती को अभी से समझ कर उनसे पार पाते हुए देश और दुनिया की सबसे बड़ी ई-कामर्स (E-commerce) कंपनी बनने का है।

रिलायंस (reliance) बदल रही किराना स्टोर (Grocery store) की दुनिया
बैंक ऑफ अमेरिका मैरीलिंच (BofAML) की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल ई-कॉमर्स (E-commerce) के लिए रजिस्टर कराने के लिए एक बार में 50 हजार रुपये देने पड़ रहे हैं। इस कारण सिर्फ वही किराना स्टोर ई-कॉमर्स (Grocery store) के लिए रजिस्टर होते हैं जिनका महीने का टर्नओवर 9 लाख रुपये से ज्यादा है। जैसे ही रिलायंस (reliance) इन क्षेत्र में इंट्री करेगा, यह प्राइस प्वाइंट कम होगा। रिलायंस (reliance) का वन-टाइम डिपॉजिट सिर्फ 3000 रुपये है। ऐसा होने से ज्यादा से ज्यादा व्यापरी खुद को ई-कॉमर्स (E-commerce) से जोड़ सकेंगे।
एक मशीन बदले देगी किराना स्टोर्स (Grocery store) का भविष्य
किराना स्टोर्स (Grocery store) को डिजिटाइज करने के लिए एक प्वाइंट-ऑफ-सेल (PoS) डिवाइस की जरूरत पड़ती है। यह स्पाइप मशीन हो सकती है या कोई और डिवाइस जिसके जरिए भुगतान किया जा सके। देश के छोटे शहरों, गांवों और कस्बों में मौजूद किराना स्टोर्स में यह PoS डिवाइस देने वाली कंपनीज में SnapBizz, Nukkad Shops और GoFrugal शामिल हैं। SnapBizz ने देश के सात से ज्यादा शहरों में 4,500 डिवाइसेज को इंस्टॉल किया है। यह आंकड़ा देश के कुल डिजिटाइज किए गए किराना स्टोर (Grocery store) का 30 फीसदी है।
ऐसे बढ़ेगी हर माह कमाई
एक बार 50 हजार रुपये का पेमेंट करने पर मर्चेंट को SnapBizz के सॉफ्टवेयर वाली एक PoS डिवाइस या मशीन मिलती है। इसमें एड दिखाने के लिए पर्सनल स्पेस और यूजर्स के साथ बातचीत करने के लिए एक ऐप मौजूद रहता है। इन मशीन के इस्तेमाल से किराना स्टोर (Grocery store) का कारोबार तेजी से बढ़ता है, जिससे कमाई बढ़ जाती है। रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार किराना स्टोर के ऑनलाइन होने से हर महीने तकरीबन 8,250 रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने लगेगी। इससे PoS मशीन का खर्च छह महीने में निकल आता है।
देश का लगभग पूरा रिटेल मार्केट अब भी असंगठित
बैंक ऑफ अमेरिका मैरीलिंच (BofAML) की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार किराना स्टोर (Grocery store) मालिक अपने मर्चेन्ट प्वाइंट-ऑफ-सेल (MpoS) को अपग्रेड करना चाहते हैं। इससे वे अपने व्यापर को आधुनिक बना सकेंगे। देश का रिटेल बाजार का आकार अभी 48.7 लाख करोड़ रुपये (700 अरब डॉलर) कहा है, जिसका करीब 90 फीसदी अब भी असंगठित है। रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस (reliance) से उम्मीद है कि वह ई-कॉमर्स (E-commerce) पर रजिस्टर्ड 15,000 किराना स्टोर्स की संख्या को 2023 तक बढ़ाकर 50 लाख हो सकती है।


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